मुख्य सामग्री पर जाएं
ब्रेकिंग न्यूज़
छात्रों के समर्थन में अन्ना हजारे मौन व्रत पर, आंदोलन को मिला बड़ा साथ जंतर-मंतर पर अफरा-तफरी, छात्रों और निहंगों के बीच धक्का-मुक्की से बढ़ा तनाव PM मोदी के ऐलान पर राहुल गांधी का पलटवार, रखीं 3 बड़ी मांगें CJP Protest: दिल्ली में बवाल, 16 मेट्रो स्टेशन बंद; सरकार से बातचीत को तैयार CJP पंजाब में बनाए जाएंगे 10 लाख नए राशन कार्ड 22 जुलाई से शुरू होंगे आवेदन :मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान PM मोदी का राहुल गांधी पर तंज: मैं 56 साल के युवा की बात नहीं, 28 साल के युवाओं की बात कर रहा हूं सोनम वांगचुक को दूसरे अस्पताल शिफ्ट करने की मांग, दिल्ली हाईकोर्ट में जल्द सुनवाई जंतर-मंतर से अभिजीत दीपके को पुलिस ने हिरासत में लिया, संसद मार्च के बीच बड़ी कार्रवाई CJP प्रवक्ता सरकार से मिलने पहुंचे, संसद मार्च पर बढ़ी सियासी हलचल ‘हर अभद्र शब्द अश्लील नहीं’— सुप्रीम कोर्ट की महत्वपूर्ण टिप्पणी

बैसाखी पर 3000 भारतीय जाएंगे पाकिस्तान, ननकाना साहिब से लाहौर तक करेंगे दर्शन

बैसाखी पर 3000 भारतीय जाएंगे पाकिस्तान, ननकाना साहिब से लाहौर तक करेंगे दर्शन

बैसाखी के पावन अवसर पर इस वर्ष भी भारत से बड़ी संख्या में सिख श्रद्धालु पाकिस्तान की धार्मिक यात्रा पर जाने वाले हैं। जानकारी के अनुसार, करीब 3000 भारतीय श्रद्धालुओं का जत्था 10 अप्रैल से शुरू होने वाली इस यात्रा में भाग लेगा। यह यात्रा हर साल आयोजित होती है, लेकिन इस बार भी श्रद्धालुओं के बीच खास उत्साह देखा जा रहा है। इस दौरान श्रद्धालु पाकिस्तान स्थित कई ऐतिहासिक और पवित्र गुरुद्वारों में मत्था टेकेंगे और धार्मिक अनुष्ठानों में शामिल होंगे।

यात्रा का प्रमुख आकर्षण 14 अप्रैल को पंजा साहिब गुरुद्वारा में आयोजित होने वाला बैसाखी कार्यक्रम होगा, जहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु जुटते हैं। इसके अलावा श्रद्धालु ननकाना साहिब, करतारपुर साहिब, शेखूपुरा, एमिनाबाद और लाहौर सहित कई प्रमुख धार्मिक स्थलों के दर्शन करेंगे। ये सभी स्थान सिख धर्म के इतिहास और आस्था से गहराई से जुड़े हुए हैं, जहां हर वर्ष देश-विदेश से श्रद्धालु पहुंचते हैं।

इस यात्रा को लेकर पाकिस्तान सरकार और संबंधित संस्थाओं ने व्यापक तैयारियां की हैं। इवैक्यूई ट्रस्ट प्रॉपर्टी बोर्ड के प्रवक्ता गुलाम मोहियुद्दीन के अनुसार, श्रद्धालुओं के स्वागत और उनकी सुविधा के लिए सभी आवश्यक इंतजाम पूरे कर लिए गए हैं। लाहौर में आयोजित एक उच्च स्तरीय बैठक में ख्वाजा सलमान रफीक और सरदार रमेश सिंह अरोरा समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे, जहां सुरक्षा, चिकित्सा और आवास व्यवस्था की विस्तृत समीक्षा की गई।

अधिकारियों ने बताया कि तीर्थयात्रियों की सुरक्षा के लिए कड़े इंतजाम किए गए हैं, साथ ही बेहतर परिवहन, चिकित्सा सुविधाएं और ठहरने की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जा रही है। पाकिस्तान की ओर से यह भी कहा गया है कि बैसाखी के अवसर पर आने वाले अंतरराष्ट्रीय श्रद्धालुओं के जरिए देश की सकारात्मक छवि को दुनिया के सामने पेश करने का प्रयास किया जाएगा।

बैसाखी का पर्व सिख धर्म में विशेष महत्व रखता है, क्योंकि इसी दिन खालसा पंथ की स्थापना हुई थी। इसके साथ ही यह फसल कटाई के मौसम की शुरुआत का भी प्रतीक है, जिसे पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाया जाता है।

हालांकि, इस बार यात्रा पर क्षेत्रीय परिस्थितियों का असर भी देखने को मिल रहा है। पाकिस्तान-अफगानिस्तान के बीच बढ़ते तनाव के चलते कई श्रद्धालुओं में चिंता बनी हुई है, जिसके कारण इस वर्ष वीजा आवेदन की संख्या में कमी आई है। पिछले साल जहां हजारों लोगों ने आवेदन किया था, वहीं इस बार यह संख्या घटकर लगभग 3000 रह गई है।

इसके बावजूद यह यात्रा न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि भारत और पाकिस्तान के बीच सांस्कृतिक और मानवीय संबंधों को मजबूत करने का एक महत्वपूर्ण माध्यम भी मानी जाती है, जो दोनों देशों के लोगों को एक-दूसरे के करीब लाने में अहम भूमिका निभाती है।

Share This
अगला लेख → पंजाब में शिक्षा क्रांति: भगवंत मान ने पेश किया 4 साल का रिप…

टिप्पणी करें

Your email address will not be published. Required fields are marked *

ताज़ा ख़बरें
बाज़ार
सेंसेक्स 77,453 +687 (+0.89%)
निफ्टी 24,210 +225 (+0.94%)
मौसम
25°C
Light rain shower
💧 92% 💨 4 km/h
Dehradun