भारत को आर्थिक महाशक्ति बनाने को नगरीय विकास महत्वपूर्ण – सीएम योगी
गोरखपुर : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शारदीय नवरात्र के पहले दिन गोरखपुर महानगर को 233.20 करोड़ रुपये के विकास कार्यों की सौगात दी। इस दौरान उनके समक्ष नगर निगम और एनटीपीसी के मध्य कूड़े से चारकोल बनाने के प्लांट की स्थापना के लिए एमओयू भी हुआ। मुख्यमंत्री ने नगर निगम की 303 विकास परियोजनाओं का शिलान्यास व लोकार्पण समारोह एवं एमओयू आदान प्रदान समारोह में कहा कि नगरीय विकास आज की आवश्यकता है।
रविवार पूर्वाह्न नगर निगम परिसर में आयोजित समारोह में मुख्यमंत्री ने 189 विकास कार्यों का शिलान्यास व 114 विकास कार्यों का लोकार्पण किया। इस दौरान उनके समक्ष नगर निगम एवं नेशनल थर्मल पॉवर कॉरपोरेशन के बीच कूड़े से चारकोल बनाने का प्लांट स्थापित करने के लिए समझौता ज्ञापन (एमओयू) का आदान प्रदान भी हुआ। समारोह को संबोधित करते हुए सीएम योगी ने कहा कि स्मार्ट सिटी की परिकल्पना को साकार करने के लिए सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट की महती भूमिका है। गोरखपुर नगर निगम ने एनटीपीसी के सहयोग से इस दिशा में बड़ा कदम बढ़ाया है। एनटीपीसी की तरफ से प्लांट लग जाने के बाद नगर निकायों का कूड़ा चारकोल के रूप में बिजली उत्पादन का साधन बनेगा।
शहर के इंट्री पॉइंट पर अब नहीं दिखेगा कूड़ा
सीएम ने कहा कि सॉलिड वेस्ट का उचित प्रबंधन न होने से कूड़ा ऐसे ही यहां-वहां फेंक दिया जाता था। शहर के इंट्री पॉइंट पर कूड़े के ढेर के दर्शन होते थे। इससे सिटी के विकास पर पानी फिरता दिखता था। अब ऐसा प्लांट लगने जा रहा है जहां कूड़े से चारकोल, सीएनजी का उत्पादन होगा। एनटीपीसी के इस प्लांट से नगर निगम को 25 सालों में 600 करोड़ रुपये की बचत होगी। बचत के इस रुपये का उपयोग विकास के कार्यों में होगा। 500 टन प्रतिदिन कूड़े की जरूरत वाले इस प्लांट से नगर निगम के साथ ही जिले की तमाम नगर पंचायतों के कूड़े का भी समुचित निस्तारण हो जाएगा। इससे शहर के इंट्री पॉइंट पर कूड़ा नहीं दिखेगा और बाहर से आने वाले लोगों के मन में अच्छा संदेश जाएगा।
नगरीय विकास के मॉडल के रूप में स्थापित हो रहा गोरखपुर
सीएम योगी ने गोरखपुर के विकास कार्यों की चर्चा करते हुए कहा कि गोरखपुर नगरीय विकास के मॉडल के रूप में स्थापित हो रहा है। सड़क, जलनिकासी, स्ट्रीट लाइट जैसे बुनियादी कार्यों के साथ बुजुर्गों के केयर सेंटर बन रहे हैं। मियावाकी पद्धति से एक लाख वर्गमीटर में सिटी फॉरेस्ट विकसित किया जा रहा है। सुरक्षा के लिए आईसीसीसी के माध्यम से हर चौराहे पर सीसी कैमरे से निगरानी हो रही है। इससे ट्रैफिक ऑटो मोड में चलने के साथ सुरक्षा से कोई खिलवाड़ भी नहीं कर पाएगा। मुख्यमंत्री ने सखाद कारखाना, एम्स, बीआरडी मेडिकल कॉलेज, रामगढ़ताल का उल्लेख करते हुए कहा कि ये सब गोरखपुर को नई पहचान दे रहे हैं। गोरखपुर की सड़कें चार-छह लेन में विकसित हुई हैं और हो रही हैं।
नन्हें मुन्ने बच्चों को कराया अन्नप्राशन
कार्यक्रम स्थल पर सीएम योगी ने नन्हें-मुन्ने बच्चों को अन्नप्राशन कराया। उन्होंने बच्चों को खूब दुलारा और आशीर्वाद देकर उनके स्वस्थ एवं उज्ज्वल भविष्य की कामना की।