महाराष्ट्र के शहरों में ई-बाइक टैक्सी सेवा को हरी झंडी, MMR में 10,000 से अधिक रोजगार के अवसर
महाराष्ट्र से एक महत्वपूर्ण खबर सामने आई है। राज्य मंत्रिमंडल ने मंगलवार को ऐसे शहरों में इलेक्ट्रिक-बाइक टैक्सी शुरू करने को मंजूरी दे दी है, जहां की जनसंख्या कम से कम एक लाख है। इस फैसले से 15 किलोमीटर तक सफर करने वाले अकेले यात्रियों को फायदा होगा। यह योजना सिर्फ मुंबई तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि राज्य के अन्य शहरी क्षेत्रों में भी लागू की जाएगी।
राज्य के परिवहन मंत्री प्रताप सरनाइक के अनुसार, इस पहल से मुंबई महानगर क्षेत्र (MMR) में 10,000 से अधिक रोजगार के अवसर पैदा होंगे, और राज्य के अन्य हिस्सों में भी इतने ही नए रोजगार सृजित किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि ई-बाइक टैक्सी में आगे और पीछे बैठने वाले यात्रियों के लिए उचित सुरक्षा प्रबंध होंगे, साथ ही मानसून को ध्यान में रखते हुए छत वाली ई-बाइक को भी अनुमति दी जाएगी।
इस घोषणा की जानकारी सरनाइक ने सहयाद्री गेस्ट हाउस में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में हुई साप्ताहिक मंत्रिमंडल बैठक के बाद दी। इस बैठक में प्रमुख शहरी क्षेत्रों में इलेक्ट्रिक-बाइक टैक्सी सेवा शुरू करने के प्रस्ताव को स्वीकृति दी गई। उन्होंने बताया कि फिलहाल केवल ई-बाइक टैक्सी सेवा को मंजूरी दी गई है, जबकि राजस्व मॉडल पर काम जारी है और इसे जल्द ही सार्वजनिक किया जाएगा। मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि इस सेवा में यात्री सुरक्षा और सस्ती किराया दरों को प्राथमिकता दी जाएगी।
आमतौर पर ‘बाइक टैक्सी’ एक ऐसी सेवा होती है, जहां यात्रियों को लाने-ले जाने के लिए मोटरसाइकिल या अन्य दोपहिया वाहनों का उपयोग किया जाता है।
बाइक टैक्सी के लिए 10,000 रुपये की सहायता मिलेगी
प्रताप सरनाइक ने बताया कि सरकार द्वारा प्रमाणित निगमों और बोर्डों से जुड़े ऑटो-रिक्शा और टैक्सी चालकों के बच्चे ई-बाइक टैक्सी योजना के तहत आवेदन कर सकते हैं। उन्हें 10,000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी, जबकि बाकी राशि वे ऋण के माध्यम से प्राप्त कर सकते हैं। मंत्री ने कहा कि यह कदम महाराष्ट्र को प्रदूषण मुक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। इसके अलावा, किराया दरों को भी नियंत्रित किया जाएगा, ताकि यदि किसी यात्री को वर्तमान में 100 रुपये खर्च करने पड़ते हैं, तो यह सेवा 30-40 रुपये में उपलब्ध कराई जा सके।
यह योजना न केवल रोजगार के नए अवसर प्रदान करेगी, बल्कि यात्रियों को सस्ती, सुरक्षित और पर्यावरण के अनुकूल यात्रा का विकल्प भी देगी।