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महिलाओं की सुरक्षा का नया मॉडल, पंजाब के ‘सांझ राहत केंद्र’ बने मिसाल

महिलाओं की सुरक्षा का नया मॉडल, पंजाब के ‘सांझ राहत केंद्र’ बने मिसाल

पंजाब में महिलाओं की सुरक्षा और सहायता के लिए शुरू किए गए ‘सांझ राहत केंद्र’ अब एक प्रभावी कम्युनिटी पुलिसिंग मॉडल के रूप में अपनी पहचान बना रहे हैं। इन केंद्रों का उद्देश्य घरेलू हिंसा, मानसिक उत्पीड़न और अन्य संकटों से जूझ रही महिलाओं को त्वरित सहायता, काउंसलिंग, कानूनी मार्गदर्शन और पुनर्वास जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराना है। पंजाब पुलिस का कहना है कि यह पहल महिलाओं को सुरक्षित माहौल देने के साथ-साथ पुलिस और आम जनता के बीच भरोसा भी मजबूत कर रही है।

पंजाब पुलिस के डीजीपी गौरव यादव ने बताया कि शुरुआत में मोहाली, फतेहगढ़ साहिब, लुधियाना और जालंधर के सांझ राहत केंद्रों में केवल दो प्रशिक्षित काउंसलर कार्यरत थे, लेकिन समय के साथ इस व्यवस्था का विस्तार किया गया। पिछले दो वर्षों में इन केंद्रों ने 1,656 मामलों की स्क्रीनिंग की और 1,069 मामलों को दर्ज कर आवश्यक कार्रवाई की। उनका कहना है कि इन केंद्रों ने कई महिलाओं को मानसिक आघात से बाहर निकालने और सामान्य जीवन में लौटने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

डीजीपी गौरव यादव ने एक उदाहरण साझा करते हुए बताया कि मोहाली की एक महिला ने घरेलू हिंसा और जान से मारने की धमकियों की शिकायत की थी। शिकायत मिलते ही सांझ राहत केंद्र की टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए महिला को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया और उसके मायके तक सुरक्षित परिवहन की व्यवस्था कराई। इसी तरह एक अन्य मामले में गंभीर रूप से बीमार और अकेली रह रही महिला को अस्पताल में भर्ती कराने, इलाज कराने, काउंसलिंग देने और बाद में रोजगार दिलाने तक में टीम ने लगातार सहयोग किया।

महिलाओं की सुरक्षा को लेकर पंजाब पुलिस अन्य जागरूकता अभियानों पर भी समान रूप से काम कर रही है। ‘जागृति कार्यक्रम’ के तहत पिछले लगभग दो वर्षों में 12,482 स्कूलों में पहुंचकर 11.75 लाख से अधिक बच्चों को सुरक्षा और जागरूकता से जुड़े विषयों पर जानकारी दी गई। इसके अलावा 76 हजार से अधिक शिक्षकों और स्कूल कर्मचारियों को भी संवेदनशीलता और सुरक्षा संबंधी प्रशिक्षण दिया गया।

स्पेशल डीजीपी (कम्युनिटी अफेयर्स) गुरप्रीत कौर देओ ने बताया कि वर्ष 2011 में शुरू हुई सांझ प्रणाली आज पूरे पंजाब में 530 से अधिक सांझ केंद्रों के नेटवर्क के साथ नागरिक-केंद्रित सेवाएं प्रदान कर रही है। उन्होंने कहा कि यह पहल संकटग्रस्त महिलाओं को काउंसलिंग, पुलिस सहायता और कानूनी सहयोग उपलब्ध कराकर उनकी सुरक्षा और आत्मनिर्भरता सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो रही है। पंजाब पुलिस का मानना है कि सांझ राहत केंद्र अब केवल सहायता केंद्र नहीं, बल्कि महिलाओं के विश्वास और सुरक्षा का मजबूत आधार बन चुके हैं।

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