मुख्य सामग्री पर जाएं
ब्रेकिंग न्यूज़
छात्रों के समर्थन में अन्ना हजारे मौन व्रत पर, आंदोलन को मिला बड़ा साथ जंतर-मंतर पर अफरा-तफरी, छात्रों और निहंगों के बीच धक्का-मुक्की से बढ़ा तनाव PM मोदी के ऐलान पर राहुल गांधी का पलटवार, रखीं 3 बड़ी मांगें CJP Protest: दिल्ली में बवाल, 16 मेट्रो स्टेशन बंद; सरकार से बातचीत को तैयार CJP पंजाब में बनाए जाएंगे 10 लाख नए राशन कार्ड 22 जुलाई से शुरू होंगे आवेदन :मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान PM मोदी का राहुल गांधी पर तंज: मैं 56 साल के युवा की बात नहीं, 28 साल के युवाओं की बात कर रहा हूं सोनम वांगचुक को दूसरे अस्पताल शिफ्ट करने की मांग, दिल्ली हाईकोर्ट में जल्द सुनवाई जंतर-मंतर से अभिजीत दीपके को पुलिस ने हिरासत में लिया, संसद मार्च के बीच बड़ी कार्रवाई CJP प्रवक्ता सरकार से मिलने पहुंचे, संसद मार्च पर बढ़ी सियासी हलचल ‘हर अभद्र शब्द अश्लील नहीं’— सुप्रीम कोर्ट की महत्वपूर्ण टिप्पणी

महिलाओं में घुटनों का दर्द क्यों होता है ज्यादा? जानिए शुरुआती लक्षण और कारण l

महिलाओं में घुटनों का दर्द क्यों होता है ज्यादा? जानिए शुरुआती लक्षण और कारण l

जोड़ों के दर्द की समस्या महिलाओं में पुरुषों की तुलना में अधिक देखने को मिलती है, खासकर घुटनों में। मेनोपॉज के बाद यह समस्या और भी ज्यादा बढ़ जाती है। इसके पीछे हार्मोनल बदलाव सबसे बड़ा कारण माना जाता है, जिसमें शरीर में एस्ट्रोजेन हॉर्मोन का स्तर कम हो जाता है। एस्ट्रोजेन जोड़ों के कार्टिलेज की सुरक्षा करता है और उसके घटने से जोड़ों में दर्द और सूजन की संभावना बढ़ जाती है।

मेनोपॉज के बाद महिलाओं के शरीर में एस्ट्रोजेन का स्तर तेजी से गिरता है, जिससे जोड़ों के कार्टिलेज में तनाव और क्षय होने लगता है। यह ऑस्टियोआर्थराइटिस जैसी बीमारियों का मुख्य कारण है, जो महिला जोड़ों में दर्द का प्रमुख रूप है।

खराब जीवनशैली जैसे अधिक वजन, शारीरिक सक्रियता की कमी और असंतुलित आहार

जोड़ों को चोट लगना या किसी पुरानी बीमारी का प्रभाव

ऑटोइम्यून रोग जैसे रयूमेटॉइड आर्थराइटिस, जो स्व-प्रतिरक्षित प्रणाली को प्रभावित करता है

रिलैक्सिन नामक हॉर्मोन जो महिलाओं के जोड़ों को ढीला करता है, जिससे चोट लगने की संभावना बढ़ती है

जोड़ दर्द के शुरुआती लक्षण
सूजन और अकड़न महसूस होना

हल्की गतिविधि पर दर्द होना

जोड़ों में गर्माहट या लालिमा

सुबह उठने पर या लंबे समय तक बैठे रहने के बाद जोड़ों का जकड़ना

चलने-फिरने में परेशानी और कमजोरी महसूस होना

डॉक्टरों से सलाह लेकर उचित दवाइयां लेना, नियमित हल्का व्यायाम करना, वजन नियंत्रित रखना और सही खान-पान से जोड़ों को स्वस्थ रखा जा सकता है। मेनोपॉज के बाद हॉर्मोन रिप्लेसमेंट थेरेपी और सप्लीमेंट्स भी फायदेमंद होते हैं।

महिलाओं को चाहिए कि वे जोड़ों में असामान्य दर्द या सूजन को नजरअंदाज न करें और समय-समय पर चिकित्सक से जांच कराएं ताकि समस्या बढ़ने से पहले उसका उपचार हो सके।

Share This
अगला लेख → IIIT-बेंगलुरु ने विकसित किया स्मार्ट पैनल, 5G इंटरनेट को करे…

टिप्पणी करें

Your email address will not be published. Required fields are marked *

ताज़ा ख़बरें
बाज़ार
सेंसेक्स 76,766 -70 (-0.09%)
निफ्टी 23,985 -11 (-0.05%)
मौसम
23°C
Light rain shower
💧 95% 💨 4 km/h
Dehradun