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मेरठ मेडिकल कॉलेज में आउटसोर्सिंग कर्मचारी हड़ताल पर, सपा विधायक ने दिया समर्थन

मेरठ मेडिकल कॉलेज में आउटसोर्सिंग कर्मचारी हड़ताल पर, सपा विधायक ने दिया समर्थन

एलएलआरएम मेडिकल कॉलेज में गुरुवार को आउटसोर्सिंग कर्मचारियों के अचानक हड़ताल पर जाने से चिकित्सा सेवाएं बाधित हो गईं। अस्पताल की व्यवस्था संभालने के लिए स्थायी स्टाफ और मेडिकल स्टूडेंट्स को तैनात किया गया, लेकिन कम संख्या के कारण यह प्रयास सफल नहीं हो सका।

हड़ताल कर रहे कर्मचारियों का कहना है कि उन्हें पिछले दो महीने से वेतन नहीं मिला है, इसलिए उन्होंने “वेतन नहीं तो काम नहीं” का नारा दिया है। मेडिकल कॉलेज प्रशासन हड़ताली कर्मचारियों को समझाने का प्रयास कर रहा है। प्राचार्य डॉ. आरसी गुप्ता ने बताया कि संबंधित कंपनी से कहकर अक्टूबर माह का वेतन दिलवा दिया गया है और शेष नवंबर और दिसंबर का वेतन भी जल्द ही दिया जाएगा।

इस बीच, सरधना से सपा विधायक अतुल प्रधान ने भी कर्मचारियों का समर्थन किया है। उन्होंने मेडिकल कॉलेज पहुंचकर कर्मचारियों की समस्याएं सुनीं और कंपनी का टेंडर रद्द करने की मांग की। उनका कहना है कि जो कंपनी समय पर वेतन नहीं दे सकती, उसका अनुबंध रद्द कर देना चाहिए। अतुल प्रधान ने प्राचार्य से बात कर कर्मचारियों का लंबित वेतन तुरंत जारी करने की भी मांग की।

सूत्रों के अनुसार, मेडिकल कॉलेज में “जीत एचआर” और “जीत सिक्योरिटीज” नामक कंपनियों से लगभग 850 कर्मचारी संविदा पर नियुक्त हैं। इनमें नर्स, वार्ड बॉय और टेक्नीशियन शामिल हैं। इन कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि उन्हें कई महीनों तक वेतन नहीं मिलता और वेतन वृद्धि का वादा भी पूरा नहीं किया गया।

गुरुवार को हड़ताली कर्मचारियों ने प्राचार्य कार्यालय के बाहर धरना प्रदर्शन और नारेबाजी की। अपनी बात अधिकारियों तक पहुंचाने के लिए कर्मचारियों ने प्रदर्शन के दौरान वीडियो बनाकर उसे सोशल मीडिया पर वायरल किया। कर्मचारियों ने साफ किया है कि जब तक उन्हें लंबित वेतन नहीं मिलेगा, तब तक वे काम पर नहीं लौटेंगे।

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