मोगा में 14 मार्च को अमित शाह की रैली, अकाली दल से गठबंधन पर मिल सकते हैं संकेत
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के द्वारा 14 मार्च को पंजाब के मोगा में एक अहम रैली को संबोधित करेंगे। गृह मंत्रालय की ओर से पंजाब भाजपा इकाई को रैली की नई तारीख की अहम जानकारी दे दी गई है। इससे पहले यह रैली 22 फरवरी को होनी थी, लेकिन मौसम के निरंतर बदलाव के चलते इसे स्थगित कर दिया गया था। अब तय कार्यक्रम के अनुसार मोगा में होने वाली यह रैली राजनीतिक नीतियों से काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
इस रैली पर सभी राजनीतिक दलों की नजरें टिकी हैं, क्योंकि इसके जरिए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और शिरोमणि अकाली दल (शिअद) के बीच संभावित गठबंधन को लेकर इशारा मिलने की आशंका जताई जा रही है। राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज है कि 2020 में कृषि कानूनों के मुद्दे पर टूटा दोनों दलों का गठबंधन 2027 के पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले फिर से बहाल हो सकता है। माना जा रहा है कि अमित शाह अपने संबोधन में गठबंधन से जुड़े कुछ अहम संकेत दे सकते हैं।
भाजपा ने पंजाब में चार बड़ी रैलियां आयोजित करने की योजना बनाई है। इनमें से दो रैलियां मालवा क्षेत्र में, जबकि एक-एक रैली दोआबा और माझा क्षेत्र में आयोजित की जाएगी। भाजपा के उद्देश्य साफ़ है आगामी विधानसभा चुनावों से पहले संगठन को मजबूत करना और अपने राजनीतिक समीकरण स्पष्ट करना है। यह रैली पंजाब में भाजपा की पहली बड़ी जनसभा मानी जा रही है, जिससे चुनावी अभियान की औपचारिक शुरुआत भी समझी जा रही है।
इधर, 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर अन्य दलों ने भी सक्रियता बढ़ा दी है। आम आदमी पार्टी ने 16 फरवरी को मोगा में नशे के खिलाफ रैली की थी। वहीं राहुल गांधी 28 फरवरी को बरनाला में रैली करने जा रहे हैं। दूसरी ओर, शिरोमणि अकाली दल ने 13 अप्रैल बैसाखी से विधानसभा स्तर पर 40 रैलियां करने की योजना बनाई है।
गौरतलब है कि भाजपा और शिरोमणि अकाली दल का गठबंधन 1997 में हुआ था और दोनों दलों ने मिलकर पंजाब में तीन बार सरकार बनाई थी। हालांकि, 2020 में तीन कृषि कानूनों के विरोध में हुए किसान आंदोलन के दौरान शिअद ने भाजपा से अपना गठबंधन तोड़ लिया था। अब बदलते राजनीतिक हालात में एक बार फिर दोनों दलों के साथ आने की अटकलें लगाई जा रही हैं। भाजपा सूत्रों का मानना है कि यदि गठबंधन की राह खुलती है तो उसमें अमित शाह की भूमिका निर्णायक हो सकती है।