मोटापा दिल, डायबिटीज और कैंसर के कारण कैसे बन सकता है, एक्सपर्ट से समझें
आजकल की तेज़-तर्रार जीवनशैली और खानपान में बदलाव के कारण, लोग विभिन्न स्वास्थ्य समस्याओं का सामना कर रहे हैं। यह समस्या अब केवल बुजुर्गों तक सीमित नहीं रह गई, बल्कि युवा वर्ग भी इससे प्रभावित हो रहा है। विशेष रूप से भारत में अनहेल्दी डाइट और अनुशासनहीन दिनचर्या के कारण यह समस्या तेजी से बढ़ रही है। हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फिट इंडिया मूवमेंट के माध्यम से लोगों को तेल के कम सेवन की सलाह दी है। उत्तराखंड में एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा कि देश में मोटापे की समस्या निरंतर बढ़ रही है और यह समस्या हर आयु वर्ग को प्रभावित कर रही है। मोटापे के कारण हृदय रोग और डायबिटीज जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ गया है।
प्रधानमंत्री ने देशवासियों से दो मुख्य चीजों पर ध्यान देने का आग्रह किया है—एक्सरसाइज और सही डाइट। उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति को थोड़ा समय निकालकर नियमित रूप से व्यायाम करना चाहिए और साथ ही पोषण से भरपूर, कम तेल वाला भोजन करना चाहिए। अगर हम रोज़ के भोजन में तेल की मात्रा को 10 प्रतिशत भी कम कर दें तो कई गंभीर बीमारियों से बच सकते हैं। स्वस्थ शरीर से ही स्वस्थ मन और राष्ट्र का निर्माण संभव है। प्रधानमंत्री की इस अपील के बाद, तेल के अधिक सेवन से होने वाली बीमारियों पर चर्चा तेज़ हो गई है। आइए जानते हैं कि अधिक तेल खाने से कौन सी स्वास्थ्य समस्याएँ उत्पन्न हो सकती हैं।
आजकल कई घरों में अधिक तेल और मसालों का सेवन एक सामान्य ट्रेंड बन चुका है। लोग अक्सर यह चर्चा करते हैं कि उनके पड़ोसी के घर में हर महीने तेल की खपत 5 से 6 लीटर तक होती है और मसालों का भी अधिक उपयोग होता है। कई लोग इसे उच्च स्तर का मापदंड मानते हैं, लेकिन वे यह नहीं समझते कि अत्यधिक तेल और मसाले उनके स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकते हैं। इससे हृदय रोग, कैंसर, डायबिटीज, मोटापा और फैटी लिवर जैसी समस्याएँ उत्पन्न हो सकती हैं। दिल्ली के राजीव गांधी अस्पताल के कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. अजीत कुमार का कहना है कि भोजन में अधिक तेल का सेवन स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकता है। अधिक तेल से रक्त में कोलेस्ट्रॉल का स्तर बढ़ सकता है, जिससे हृदय रोगों का खतरा बढ़ता है। इसके अलावा, तेल से कैलोरी की मात्रा भी बढ़ती है, जो मोटापे का कारण बन सकती है। अधिक तेल खाने से फैटी लिवर जैसी बीमारियाँ भी हो सकती हैं, इसलिए तेल का सेवन कम करना चाहिए।
अत्यधिक तेल का सेवन संपूर्ण स्वास्थ्य के लिए हानिकारक होता है। यह बैड कोलेस्ट्रॉल को बढ़ाता है और गुड कोलेस्ट्रॉल को कम करता है, जिससे हृदय में ब्लॉकेज और अन्य समस्याओं का खतरा बढ़ जाता है। इसके अतिरिक्त, कैंसर, मधुमेह और मोटापा जैसी बीमारियों के लिए भी यह एक प्रमुख कारण बन सकता है।
भारत में तेल की खपत हर साल बढ़ती जा रही है। नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ न्यूट्रिशन के अनुसार, एक व्यक्ति को साल में औसतन 10.585 किलो तेल खाना चाहिए, लेकिन यह खपत लगातार बढ़ रही है। 2010-11 में भारत में प्रति व्यक्ति तेल की खपत 14.2 किलो थी, जो 2019-20 में बढ़कर 19.80 किलो हो गई। यानी पिछले कुछ दशकों में भारत में तेल की खपत पांच गुना बढ़ चुकी है। सेंटर फॉर साइंस एंड एनवायरनमेंट की रिपोर्ट के अनुसार, तेल की अधिक खपत से लोग मोटापे और हृदय संबंधी समस्याओं का शिकार हो रहे हैं।