चोट, स्ट्रोक और डिप्रेशन से बचाएं दिमाग , योग से मिलेगा समाधान
आजकल की तेज़ रफ्तार जिंदगी में लोग इतने व्यस्त हो गए हैं कि ठहरकर जीना ही भूलते जा रहे हैं। लगातार भागदौड़ और तनाव का सीधा असर शरीर और मन पर पड़ता है। नतीजा यह होता है कि समय के साथ शरीर थकान महसूस करने लगता है, ऊर्जा कम होती जाती है और चेहरे की मुस्कान कहीं खो जाती है। अगर समय रहते इस पर ध्यान न दिया जाए, तो इसका प्रभाव दिमाग पर भी पड़ने लगता है।
बढ़ता तनाव और मानसिक स्वास्थ्य
एक रिसर्च के अनुसार, काम के दबाव और अनियमित जीवनशैली की वजह से लोग बर्नआउट का शिकार हो रहे हैं। तनाव अब ज़िंदगी का हिस्सा बन चुका है। चौंकाने वाली बात यह है कि भारत में 70% लोग हमेशा किसी न किसी चिंता में घिरे रहते हैं। इसकी वजह से शरीर में हार्मोनल बदलाव होते हैं, नींद की कमी होती है और दिमाग में केमिकल असंतुलन पैदा होने लगता है। यह सब धीरे-धीरे न्यूरोलॉजिकल डिसऑर्डर को जन्म देता है।
एपिलेप्सी (मिर्गी) – एक गंभीर न्यूरोलॉजिकल समस्या
बीमार पड़ना आम बात है, लेकिन समस्या तब होती है जब लोग बीमारी को छिपाने लगते हैं या गलत धारणाओं के कारण इलाज नहीं करवाते। ऐसी ही एक बीमारी है एपिलेप्सी (मिर्गी), जो एक न्यूरोलॉजिकल डिसऑर्डर है। भारत में लगभग 1 करोड़ लोग इस समस्या से पीड़ित हैं, जबकि पूरी दुनिया में 5 करोड़ लोग इससे जूझ रहे हैं।
मिर्गी (एपिलेप्सी) के संभावित कारण
मिर्गी को लेकर कई लोग शर्मिंदगी महसूस करते हैं, जबकि इसके पीछे कई चिकित्सीय कारण हो सकते हैं, जैसे:
- सिर पर गहरी चोट लगना
- दिमागी बुखार या संक्रमण
- ब्रेन ट्यूमर
- ब्रेन टीबी
- न्यूरो-सिस्टिसर्कोसिस (दिमाग में कीड़ों का संक्रमण)
इसलिए ज़रूरी है कि इस बीमारी को लेकर जागरूकता बढ़ाई जाए और सही समय पर इलाज कराया जाए।
एपिलेप्सी (मिर्गी) के लक्षण
- बेहोशी आना
- शरीर में झटके लगना
- हाथ-पैर अकड़ना
- कुछ देर के लिए चेतना खो देना
दिमाग को स्वस्थ रखने के 5 उपाय
- नियमित व्यायाम करें – योग और एक्सरसाइज से दिमागी संतुलन बेहतर होता है।
- संतुलित आहार लें – पोषक तत्वों से भरपूर भोजन करें।
- तनाव से दूर रहें – ध्यान और मेडिटेशन अपनाएं।
- संगीत सुनें – अच्छा संगीत मानसिक शांति देता है।
- अच्छी नींद लें – पर्याप्त नींद दिमाग को आराम देती है।
ब्रेन के लिए सुपरफूड
- सूखे मेवे: अखरोट, बादाम, काजू
- बीज: अलसी, कद्दू के बीज
- फल और सब्जियां: ब्लूबेरी, संतरा, ब्रोकली, लौकी, हरी सब्जियां
- डेयरी उत्पाद: गाय का घी, दूध
- अन्य: हल्दी, शिलाजीत, अश्वगंधा, अंकुरित अनाज
ब्रेन को मजबूत करने के घरेलू उपाय
- दूध में बादाम रोगन मिलाकर पिएं।
- नाक में बादाम रोगन की कुछ बूँदें डालें।
- अखरोट और बादाम पीसकर खाएं।
- एलोवेरा और गिलोय का जूस पीएं।
अगर सही दिनचर्या और आहार को अपनाया जाए, तो मस्तिष्क को स्वस्थ और तनावमुक्त रखा जा सकता है। अपने शरीर और दिमाग की देखभाल करना आज के समय की सबसे बड़ी ज़रूरत है