मोदी सरकार 2.0 – तीन तलाक बिल से लेकर आत्मनिर्भर भारत तक लिए कई बड़े फैसले
नई दिल्ली – 30 मई 2019 जब नरेंद्र मोदी ने लगातार दूसरी बार प्रधानमंत्री पद की शपथ ली. 353 सीटों के साथ दोबारा सत्ता में आई मोदी सरकार ने पहले 100 दिनों में ही इतने अभूतपूर्व फैसले ले लिए थे कि लोगों को लगा मानों अब देश के सारे मसले सुलझ जाएंगे. अब मोदी 2.0 को 365 दिन पूरे हो गए हैं. इस दौरान मोदी के कड़े फैसले लेने की किताब में और भी कई उपलब्धियां जुड़ गईं.
तीन तलाक बिल को लेकर मोदी सरकार ने अपनी पिछली कार्यकाल में ही इसे पास करना चाहती थी लेकिन तब यह बिल लोकसभा में पास हो गया था, लेकिन राज्यसभा में अटक गया था. दूसरी बार सत्ता में आते ही मोदी सरकार ने सबसे पहले अपने अधूरे काम को पूरा किया. मुस्लिम महिलाओं को तीन तलाक से निजात दिलाने का अपना वादा पूरा किया. मुस्लिम महिला विवाह अधिकार संरक्षण विधेयक-2019 को पहले लोकसभा में पास कराया.
जम्मू कश्मीर को लेकर मोदी सरकार के लिए सबसे बड़ा अचीवमेंट रहा 5 अगस्त को मोदी 2.0 सरकार ने अचानक एक और बड़ा फैसला ले लिया. गृह मंत्री अमित शाह ने संसद में जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद-370 के विशेष प्रावधान को हटाने का संकल्प पेश किया. इसके बाद राज्य दो भागों में बंट गया. जम्मू-कश्मीर और लद्दाख अलग-अलग केंद्र शासित प्रदेश बन गए. इस तरह कश्मीर में एक देश, एक विधान और एक निशान की व्यवस्था लागू हो गई.
मोदी सरकार ने तमाम विरोध को दरकिनार करते हुए देश में नागरिकता संशोधन कानून लागू किया. 9 दिसंबर को नागरिकता संशोधन कानून लोकसभा में पास हुआ. 11 दिसंबर को राज्यसभा में भी पास हो गया. दोनों सदनों में इसपर घंटों बहस चली लेकिन आखिरकार बिल पास हो गया.विपक्ष ने सरकार पर नागरिकता छीनने का आरोप लगाया. लेकिन पीएम मोदी से लेकर गृहमंत्री अमित शाह तक ने ये स्पष्ट किया कि नागरिकता संशोधन कानून को किसी की नागरिकता छीनने के लिए नहीं, बल्कि नागरिकता देने के लिए लाया गया है.
साल 2020 की शुरुआत में ही भारत पर एक बड़ा संकट आ गया है. कोरोना नाम की महामारी देश-दुनिया में लगातार तेजी से फैलती जा रही है. अर्थव्यवस्था को बड़ा झटका लगा है. ऐसे में कोरोना महामारी से निपटने के लिए मोदी सरकार ने कई बड़े फैसले लिए हैं. जनता कर्फ्यू से लेकर लॉकडाउन लागू किया. लोगों को घर में ही रहने की सलाह दी. साथ ही महामारी से उबरने के लिए प्रधानमंत्री ने आत्मनिर्भर भारत का नारा दिया और लोगों की मदद के लिए 20 लाख करोड़ रुपए के आर्थिक पैकेज का ऐलान किया, जो भारत की जीडीपी का करीब 10 फीसदी है.