मौसम में बदलाव के कारण थायरॉइड की समस्या बढ़ सकती है, योग की मदद से इसे दूर करें
आज के समय में थायरॉइड की समस्या तेजी से बढ़ रही है, जिससे शरीर के महत्वपूर्ण अंगों जैसे हार्ट, लिवर, किडनी और ब्रेन पर असर पड़ता है। इस ग्रंथि से बनने वाला थायरॉक्सिन हार्मोन शरीर के तापमान को नियंत्रित रखने में मदद करता है। यदि यह हार्मोन कम बनता है, तो शरीर का तापमान गिरने लगता है और हार्ट अटैक, ब्रेन स्ट्रोक, वजन बढ़ना, बाल झड़ना, थकान और त्वचा संबंधी समस्याएं होने लगती हैं। वहीं, जब यह हार्मोन अधिक बनने लगता है, तो हाइपरथायरॉइडिज्म की स्थिति पैदा होती है, जिसमें चिंता, घबराहट, तेज धड़कन और वजन तेजी से कम होना जैसी दिक्कतें सामने आती हैं।
आइए जानते हैं कि इस समस्या को बिना दवाई के, प्राकृतिक तरीकों और एक्सरसाइज के माध्यम से कैसे नियंत्रित किया जा सकता है।
थायरॉइड को हेल्दी बनाए रखने के फायद
✔ दिल मजबूत रहेगा
✔ मस्तिष्क में भरपूर ऑक्सीजन पहुंचेगी
✔ किडनी का कार्य बेहतर होगा
✔ लिवर रहेगा स्वस्थ
✔ शरीर का तापमान संतुलित रहेगा
भारत में थायरॉइड की समस्या की स्थिति
हर 10 में से 1 वयस्क को हाइपोथायरॉइडिज्म होता है
4.5 करोड़ से अधिक लोग इससे प्रभावित हैं
3 में से 1 डायबिटीज मरीज को थायरॉइड की समस्या होती है
35% लोग इस बीमारी से अनजान रहते हैं
थायरॉइड की पहचान कैसे करें? (मुख्य लक्षण)
✔ लगातार थकान और कमजोरी
✔ घबराहट और चिड़चिड़ापन
✔ हाथों में कंपन और नींद न आना
✔ बालों का अधिक झड़ना और त्वचा शुष्क होना
✔ मांसपेशियों में दर्द और सूजन
थायरॉइड को नियंत्रित रखने के बेहतरीन उपाय
नियमित व्यायाम करें
सुबह एप्पल साइडर विनेगर का सेवन करें
रात में हल्दी वाला दूध पिएं
थोड़ी देर धूप में बैठें, ताकि शरीर में विटामिन D बना रहे
नारियल तेल को अपने आहार में शामिल करें
रोजाना कम से कम 7 घंटे की नींद लें
थायरॉइड के लिए लाभकारी योगासन
सूर्य नमस्कार – पूरे शरीर की ऊर्जा को सक्रिय करता है
पवनमुक्तासन – पाचन में सुधार और विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालने में मदद
सर्वांगासन – थायरॉइड ग्रंथि को सक्रिय करता है
हलासन – गर्दन और पीठ के तनाव को दूर करता है
उष्ट्रासन – गर्दन और थायरॉइड पर सकारात्मक प्रभाव डालता है
मत्स्यासन – थायरॉइड को संतुलित करने में सहायक
भजंगासन – रीढ़ को मजबूत करता है और हार्मोन बैलेंस करता है
थायरॉइड में क्या खाएं? (पौष्टिक आहार)
नारियल – मेटाबॉलिज्म बढ़ाने में सहायक
मुलेठी – थायरॉइड हार्मोन को संतुलित करने में मदद करता है
मशरूम – शरीर के इम्यून सिस्टम को मजबूत करता है
हल्दी दूध – सूजन को कम करने और रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में सहायक
अलसी – ओमेगा-3 फैटी एसिड से भरपूर, हार्मोन संतुलन में मदद करता है
दालचीनी – ब्लड शुगर को नियंत्रित करने और मेटाबॉलिज्म सुधारने में फायदेमंद
थायरॉइड में किन चीजों से बचें?
चीनी और ज्यादा मीठे पदार्थ
सफेद चावल और अधिक कार्बोहाइड्रेट वाला भोजन
केक, कुकीज और प्रोसेस्ड फूड
ज्यादा तला-भुना और ऑयली फूड
सॉफ्ट ड्रिंक्स और कोल्ड ड्रिंक्स
थायरॉइड से होने वाली गंभीर बीमारियां
गर्भधारण में समस्याएं
हृदय संबंधी रोग
आर्थराइटिस (जोड़ों में दर्द और सूजन)
डायबिटीज का खतरा
मोटापा और वजन असंतुलन
अस्थमा और सांस से जुड़ी समस्याएं
कैंसर का बढ़ता जोखिम
थायरॉइड के लिए आयुर्वेदिक उपाय
मुलेठी – थायरॉइड के सही संचालन में मदद करता है
तुलसी और एलोवेरा जूस – इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाता है
रोजाना 1 चम्मच त्रिफला – शरीर से विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालता है
रात में अश्वगंधा और गर्म दूध – तनाव कम करता है और थायरॉइड को संतुलित रखता है
थायरॉइड की समस्या को दवाइयों के बजाय प्राकृतिक तरीकों से नियंत्रित किया जा सकता है। नियमित रूप से योग करने, सही आहार लेने और कुछ आसान घरेलू उपाय अपनाने से इस बीमारी से बचा जा सकता है। यदि आपको पहले से थायरॉइड की समस्या है, तो इन उपायों को अपनाकर आप अपनी स्थिति में सुधार ला सकते हैं और दवाइयों पर निर्भरता कम कर सकते हैं।