रज्जू भैया राज्य विश्वविद्यालय में तीन नए कोर्स शुरू, एमबीए और एमएससी में मिलेगा दाखिला
प्रो. राजेंद्र सिंह (रज्जू भैया) राज्य विश्वविद्यालय ने शैक्षणिक सत्र 2025-26 से युवाओं के लिए तीन नए प्रोफेशनल पाठ्यक्रमों की शुरुआत की है। इनमें प्रशासन और कृषि क्षेत्र से जुड़े कोर्स शामिल हैं, जो नई शिक्षा नीति के अनुरूप तैयार किए गए हैं। इस साल शुरू होने वाले कोर्सों में सबसे प्रमुख है एमबीए इन पब्लिक पॉलिसी एंड गवर्नेंस। यह दो वर्षीय (चार सेमेस्टर) का पाठ्यक्रम है, जिसे खासतौर पर उन छात्रों के लिए डिजाइन किया गया है जो प्रशासनिक सेवाएं, नीति निर्माण और सुशासन में करियर बनाना चाहते हैं। इस कोर्स में पढ़ाए जाने वाले प्रमुख विषय होंगे — नीति विश्लेषण, सार्वजनिक वित्त, डिजिटल गवर्नेंस, प्रशासनिक ढांचा और कानून व नीतियों का तालमेल। यह पाठ्यक्रम UPSC, PCS जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वालों के लिए भी उपयोगी साबित हो सकता है। इसमें आप को स्नातक में 50% अंक (SC/ST के लिए 45%)
इसमें कुल 40 सीटे है, और फीस: ₹19,230 प्रति सेमेस्टर की होगी। राज्य विश्वविद्यालय ने कृषि विज्ञान से संबंधित दो एमएससी कोर्स भी शुरू किए हैं: एमएससी (एग्रीकल्चर) हॉर्टिकल्चर इन फ्रूट साइंस इस कोर्स के पूर्ण होने की अवधि 2 वर्ष रहेगी। और इसमें प्रवेश के लिए आप को बीएससी (एग्रीकल्चर) में 50% अंक (SC/ST के लिए 45%) अंक लाना अनिवार्य होगा । इस कोर्स में कुल फीस आप की ₹14,080 प्रति सेमेस्टर तक होगी ।
एमएससी (एग्रीकल्चर) हॉर्टिकल्चर इन वेजिटेबल साइंस इस कोर्स की अवधि भी 2 वर्ष ही रहेगी इसमें प्रवेश के लिए आप को बीएससी (एग्रीकल्चर) में 50% अंक (SC/ST के लिए 45%) लाना अनिवार्य होगा । इस विषय में प्रवेश के लिए कुल 20 सीटे उपलब्ध है इसकी ₹14,080 प्रति सेमेस्टर
इन पाठ्यक्रमों में छात्रों को आधुनिक बागवानी तकनीक, जैविक खेती, फसल संरक्षण, किस्म सुधार और प्रोसेसिंग जैसी जानकारी दी जाएगी।
कुलपति प्रो. अखिलेश कुमार सिंह ने बताया कि इन सभी पाठ्यक्रमों में कॉमन एंट्रेंस टेस्ट (CET) के माध्यम से प्रवेश होगा। ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया पहले से चालू है। इच्छुक छात्र विश्वविद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट prsuniv.ac.in पर जाकर आवेदन कर सकते हैं और कोर्स से संबंधित विस्तृत जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। कुलपति ने बताया कि ये नए पाठ्यक्रम न केवल छात्रों को आत्मनिर्भर भारत की दिशा में आगे बढ़ने का अवसर देंगे, बल्कि रोजगार और सेवा क्षेत्र में भी उनकी दक्षता को निखारेंगे।