मुख्य सामग्री पर जाएं
ब्रेकिंग न्यूज़
छात्रों के समर्थन में अन्ना हजारे मौन व्रत पर, आंदोलन को मिला बड़ा साथ जंतर-मंतर पर अफरा-तफरी, छात्रों और निहंगों के बीच धक्का-मुक्की से बढ़ा तनाव PM मोदी के ऐलान पर राहुल गांधी का पलटवार, रखीं 3 बड़ी मांगें CJP Protest: दिल्ली में बवाल, 16 मेट्रो स्टेशन बंद; सरकार से बातचीत को तैयार CJP पंजाब में बनाए जाएंगे 10 लाख नए राशन कार्ड 22 जुलाई से शुरू होंगे आवेदन :मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान PM मोदी का राहुल गांधी पर तंज: मैं 56 साल के युवा की बात नहीं, 28 साल के युवाओं की बात कर रहा हूं सोनम वांगचुक को दूसरे अस्पताल शिफ्ट करने की मांग, दिल्ली हाईकोर्ट में जल्द सुनवाई जंतर-मंतर से अभिजीत दीपके को पुलिस ने हिरासत में लिया, संसद मार्च के बीच बड़ी कार्रवाई CJP प्रवक्ता सरकार से मिलने पहुंचे, संसद मार्च पर बढ़ी सियासी हलचल ‘हर अभद्र शब्द अश्लील नहीं’— सुप्रीम कोर्ट की महत्वपूर्ण टिप्पणी

इटावा कथावाचक विवाद पर डीजीपी की सख्ती, उपद्रवियों की संपत्ति से वसूली की तैयारी, अब तक 23 गिरफ्तार

इटावा कथावाचक विवाद पर डीजीपी की सख्ती, उपद्रवियों की संपत्ति से वसूली की तैयारी, अब तक 23 गिरफ्तार

दादरपुर गांव में कथावाचक मुकुट मणि यादव के साथ कथित अभद्रता और जबरन सिर मुंडवाने की घटना के बाद फैले तनाव और हिंसा पर यूपी पुलिस प्रमुख डीजीपी राजीव कृष्ण ने सख्त रुख अपनाया है। पुलिस ने न केवल आरोपियों की धरपकड़ तेज कर दी है, बल्कि अब उपद्रव में हुई क्षति की भरपाई आरोपियों की संपत्ति नीलाम कर करने की तैयारी है। घटना 21 जून की है, जब कथावाचक मुकुट मणि यादव और संत सिंह यादव पर जाति छिपाने का आरोप लगाते हुए कुछ लोगों ने जबरन सिर मुंडवा दिया। इस घटना की खबर फैलते ही क्षेत्र में तनाव फैल गया, और प्रदर्शन हिंसक रूप ले बैठा। आगरा-कानपुर हाईवे पर तोड़फोड़ और पत्थरबाजी की घटनाएं सामने आईं। डीजीपी ने पूरे मामले की निगरानी के लिए कानपुर रेंज के डीआईजी हरिश्चंद्र को विशेष निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि हिंसा में शामिल उपद्रवियों की चल-अचल संपत्ति कुर्क कर, उससे प्राप्त राशि से सरकारी संपत्ति को हुए नुकसान की भरपाई की जाएगी। डीआईजी ने स्पष्ट किया कि कार्रवाई किसी जाति विशेष के खिलाफ नहीं बल्कि कानून तोड़ने वालों के खिलाफ हो रही है। पर्यटन मंत्री जैवीर सिंह ने भी बयान जारी कर कहा कि प्रशासन की कार्रवाई पूरी तरह अपराध की गंभीरता पर आधारित है, न कि सामाजिक पहचान पर। एसएसपी बृजेश कुमार श्रीवास्तव के अनुसार, अब तक कुल 23 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें से 4 गिरफ्तारियां कथावाचक से बदसलूकी मामले में हुई हैं, जबकि 19 उपद्रव के दौरान हिंसा फैलाने के आरोप में पकड़े गए हैं। पुलिस ने कथावाचक मुकुट मणि उर्फ मुकुट सिंह का विवादित आधार कार्ड भी बरामद कर लिया है, जिसमें उसका नाम ‘अग्निहोत्री’ लिखा है। इस आधार कार्ड की सत्यता की जांच झांसी जोन को सौंपी गई है। गिरफ्तार लोगों के परिजनों ने पुलिस पर पक्षपात का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि कई निर्दोषों को भी बिना पुख्ता सबूत हिरासत में लिया गया है। कुछ नाम ऐसे भी हैं जो घटनास्थल पर मौजूद ही नहीं थे। स्थानीय सामाजिक संगठनों और परिवारों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से हस्तक्षेप की अपील की है। उन्होंने मांग की है कि CCTV फुटेज, वीडियो साक्ष्य और प्रत्यक्षदर्शियोंके बयानों के आधार पर ही कार्रवाई हो, ताकि कोई निर्दोष न फंसे। यह मामला न सिर्फ कानून-व्यवस्था की चुनौती है, बल्कि प्रशासन के सामने निष्पक्षता और न्याय की कसौटी भी है। डीजीपी के निर्देश के बाद यह साफ है कि अब हिंसा और उपद्रव के जवाब में आर्थिक दंड का रास्ता अपनाया जाएगा, जो भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने में निर्णायक भूमिका निभा सकता है।

Share This
अगला लेख → महिलाओं की 3 गुप्त परेशानियां जिन पर आज भी चुप्पी है, आयुर्व…

टिप्पणी करें

Your email address will not be published. Required fields are marked *

बाज़ार
सेंसेक्स 76,766 -70 (-0.09%)
निफ्टी 23,985 -11 (-0.05%)
मौसम
27°C
Light rain shower
💧 88% 💨 7 km/h
Dehradun