रेलवे टिकट महंगी क्यों? ऑनलाइन और काउंटर टिकट के अंतर पर रेल मंत्री का बयान
अगर आपने कभी ऑनलाइन ट्रेन टिकट बुक की होगी, तो आपने यह जरूर नोट किया होगा कि यह काउंटर टिकट की तुलना में थोड़ी महंगी होती है। इसका मुख्य कारण यह है कि IRCTC (Indian Railway Catering and Tourism Corporation) ऑनलाइन टिकट बुकिंग की सुविधा प्रदान करता है और इसके लिए कुछ अतिरिक्त शुल्क वसूलता है।
ऑनलाइन टिकट बुक करने पर कन्वीनियंस फीस (सुविधा शुल्क) और जीएसटी (GST) चार्ज लिया जाता है। कन्वीनियंस फीस सीधे IRCTC के खाते में जाती है, जबकि जीएसटी का पैसा सरकार को जाता है। यदि आप किसी थर्ड-पार्टी ऐप से भी टिकट बुक करते हैं, तब भी आपको IRCTC अकाउंट की मदद लेनी होगी, क्योंकि बिना IRCTC अकाउंट के ऑनलाइन टिकट बुक नहीं की जा सकती।
राज्यसभा में उठा ऑनलाइन टिकट का मुद्दा
शिवसेना (उद्धव ठाकरे) के नेता संजय राउत ने राज्यसभा में यह सवाल उठाया था कि काउंटर टिकट की तुलना में ऑनलाइन टिकट महंगी क्यों होती है। इस पर केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने जवाब दिया कि IRCTC को अपने ऑनलाइन टिकटिंग सिस्टम के मेंटेनेंस, अपग्रेडेशन और विस्तार पर भारी खर्च करना पड़ता है। इसी खर्च की भरपाई के लिए IRCTC ऑनलाइन टिकट बुक करने वाले यात्रियों से कन्वीनियंस फीस वसूलता है।
80% यात्री ऑनलाइन टिकट बुक करते हैं
रेल मंत्री ने यह भी बताया कि देशभर में ट्रेन टिकट बुक करने के लिए IRCTC प्लेटफॉर्म काफी लोकप्रिय हो चुका है। आज लगभग 80% रेल यात्री ऑनलाइन टिकट बुक करते हैं। उन्होंने कहा कि ऑनलाइन टिकट बुकिंग से यात्रियों को रेलवे स्टेशन के काउंटर पर लंबी कतारों में खड़े होने की जरूरत नहीं पड़ती, जिससे उनका समय और यात्रा खर्च दोनों बचते हैं।
इस तरह, ऑनलाइन टिकटिंग सुविधा यात्रियों के लिए सहूलियत तो लाती है, लेकिन इसके लिए उन्हें थोड़ा अतिरिक्त शुल्क चुकाना पड़ता है।