लखनऊ- इस बार नहीं होगा मेघनाद और कुम्भकर्ण के पुतलों का दहन
लखनऊ – लगभग 600 साल पुरानी लखनऊ की ऐशबाग रामलीला में शायद यह पहला मौका रहा हो जब बिना दर्शकों के रामलीला हुई और अब बिना दर्शकों के ही रावण दहन होगा. ऐशबाग रामलीला कमेटी पिछले 12 दिनों से ऑनलाइन रामलीला का मंचन कर रही है, जिसमें बहुत गिने-चुने लोग ही हिस्सा ले रहे हैं. ऐशबाग रामलीला में भी शाम 7:30 बजे रावण दहन का कार्यक्रम होगा. लेकिन इस बार कार्यक्रम में महज 200 चुनिंदा लोग ही हिस्सा लेंगे. बाहर से किसी भी व्यक्ति को आने की परमिशन नहीं होगी. जिन्हें निमंत्रण दिया जाएगा उन्हें ही रावण दहन कार्यक्रम में शामिल होने की इजाजत मिलेगी.
रामलीला समिति के सचिव ने बताया की 200 लोगों के ही कार्यक्रम में प्रतिभाग करने की इजाजत सरकार की तरफ से है. इसलिए कोरोना के प्रोटोकॉल को पालन कराते हुए हम लोग रावण दहन का कार्यक्रम करेंगे. इस बार केवल रावण का पुतला दहन किया जाएगा. यानी रावण के साथ जलने वाले मेघनाथ और कुंभकरण के पुतले होंगे ही नहीं. मतलब केवल एक रावण के पुतले को ही जलाया जाएगा. कमेटी के सचिव ने बताया कि पिछली बार हम लोगों ने 121 फीट के पुतले जलाए थे, लेकिन इस बार मात्र 71 फीट का पुतला बनाया गया है.
लखनऊ की ऐशबाग रामलीला में रावण के पुतले को बनाने का भी विशेष आयोजन होता था. प्लाईवुड की लकड़ियों से इस पुतले को बनाया जाता था. बाहर से कारीगर आते थे लेकिन इस बार औपचारिकताओं को निभाते हुए बांस की खप्पचियों पर पुतला बनाया जा रहा है. और महज औपचारिकताएं ही कि जाएंगी. पुतला दहन के दौरान आतिशबाजी ज़रूर होगी पर कोरोना के संक्रमण को देखते हुए ज्यादा लोगों की भीड़ नहीं जुटने दी जाएगी.