वन नेशन वन राशन कार्ड योजना होगी शुरू – वित्त मंत्री
नई दिल्ल – वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 20 लाख करोड़ रुपए के आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत गुरुवार को लगातार दूसरे दिन राहत पैकेज को विस्तार में बताया । उन्होंने कुल 9 घोषणाएं कीं। इनमें से 3 घोषणाएं प्रवासी मजदूर, 2 छोटे किसानों और एक-एक घोषणा मुद्रा लोन, स्ट्रीट वेंडर्स, हाउसिंग और आदिवासी क्षेत्रों में रोजगार से जुड़ी थीं।
वित्त ने बताया की 8 करोड़ प्रवासी मजदूरों को अगले दो महीने तक मुफ्त राशन मिलेगा उन्हें 5 किलो गेहूं या चावल प्रति व्यक्ति और 1 किलो चना प्रति परिवार दिया जाएगा। जो राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कानून के दायरे में नहीं हैं या जिनके पास राज्यों की तरफ से मिले गरीबी कार्ड नहीं हैं, वे भी मुफ्त अनाज ले सकेंगे इस पर केंद्र सरकार 3500 करोड़ रुपए खर्च करेगी। राज्य सरकारों को इस पर सिर्फ अमल करना होगा।
केंद्र सरकार अब एक देश-एक राशन कार्ड योजना शुरू करेगी जिससे प्रवासी मजदूरों और गरीबों को अपने राशन कार्ड के जरिए दूसरे राज्यों में जाने पर अनाज किसी भी कंट्रोल की दुकानों से ले सकेंगे। ऐसे गरीबों के लिए सरकार एक देश-एक राशन कार्ड लाएगी यह योजना मार्च 2021 देशभर में लागु हो जाएगी। लेकिन इससे पहले अगस्त तक 23 राज्यों में 67 करोड़ गरीबों को राशन कार्ड पोर्टेबिलिटी का फायदा मिलेगा। इस तरह अगस्त तक पब्लिक डिस्ट्रिब्यूशन सिस्टम का फायदा उठाने वाली 83% आबादी एक देश-एक राशन कार्ड के दायरे में आ जाएगी।
प्रवासी मजदूरों रियायती किराये पर मकान मिलेंगे किसके लिए केंद्र सरकार प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत कम किराए के मकान की स्कीम लॉन्च होगी। प्रवासी मजदूरों और शहरी गरीबों को इसका फायदा मिलेगा। पब्लिक-प्राइवेट-पाटर्नरशिप के जरिए सरकार की फंडिंग वाली हाउसिंग स्कीम को इस स्कीम में बदला जाएगा। उद्योगपति, मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स और संस्थानों को भी इन्सेंटिव दिए जाएंगे ताकि वे अपनी जमीनों पर अपनी यूनिट्स में काम करने वाले मजदूरों के लिए किराए के मकान बना सकें।
कब मिलेगा: यह अभी तय नहीं है।
छोटे व्यापारियों के लिए मुद्रा लोन के जरिये उन्हें सरकार कर्ज पर लगने वाले ब्याज में 2% की छूट देगी। 37 लाख छोटे कारोबारियों को, जिनका कारोबार अभी शुरुआती दौर में है और जिन्होंने 50 हजार रुपए तक का कर्ज लिया है सरकार इसके लिए 1500 करोड़ रुपए खर्च करेगी जो कारोबारी तय वक्त पर कर्ज चुका रहे हैं, उन्हें अगले 12 महीने तक लगने वाले ब्याज में 2% की रियायत मिलेगी।
