वायरल बुखार और बैक्टीरियल संक्रमण के बीच अंतर, जानें डॉक्टर से लक्षणों में क्या फर्क है
वायरल बुखार और बैक्टीरियल इंफेक्शन को समझने में अक्सर लोग भ्रमित हो जाते हैं। ठंडे और बदलते मौसम के कारण, साथ ही कमजोर इम्यून सिस्टम की वजह से बड़े और बच्चे दोनों ही बुखार का शिकार हो सकते हैं। हालांकि, इन दोनों में कुछ सामान्य लक्षण होते हैं, लेकिन इनमें काफी अंतर है। आइए जानते हैं, डॉक्टर से, कि वायरल बुखार और बैक्टीरियल इंफेक्शन में क्या अंतर होता है।
डॉक्टर रवि गुप्ता, चाइल्ड स्पेशलिस्ट, नोएडा, के अनुसार, वायरल बुखार और बैक्टीरियल इंफेक्शन दोनों अलग-अलग होते हैं और इनका इलाज भी अलग होता है। चलिए, समझते हैं कैसे:
वायरल बुखार:
- यह आमतौर पर थोड़े समय के लिए होता है।
- इसमें जुकाम और खांसी हो सकती है, लेकिन यह जरूरी नहीं है।
- बिना किसी टेस्ट के यह ठीक हो सकता है।
- वायरल बुखार जल्दी से संपर्क में आने वाले लोगों में फैल सकता है।
- इसके इलाज में एंटीबायोटिक दवाओं की आवश्यकता नहीं होती है।
- ठंडे मौसम और कमजोर इम्यूनिटी को इसका प्रमुख कारण माना जाता है।
- कुछ वायरल बुखार खतरनाक हो सकते हैं, जैसे स्वाइन फ्लू, कोविड और डेंगू।
बैक्टीरियल इंफेक्शन:
- यह वायरल बुखार से ज्यादा लंबा रहता है।
- इसमें कुछ विशेष अंगों से जुड़ी समस्याएं हो सकती हैं, जैसे गले में दर्द, छाती में दर्द, पीलिया, पेशाब में जलन, या मल में खून आना।
- बैक्टीरियल इंफेक्शन की पहचान के लिए टेस्ट करवाना जरूरी है और इसके इलाज में एंटीबायोटिक दवाओं की आवश्यकता होती है।
- बैक्टीरियल इंफेक्शन जल्दी नहीं फैलता, और इसके फैलने की संभावना कम होती है।
- यह खराब पानी, खराब खानपान, संक्रमित व्यक्ति से संपर्क या वैक्सीनेशन की कमी के कारण हो सकता है।
- सामान्य बैक्टीरियल इंफेक्शन में टॉन्सिल्स, टाइफाइड बुखार, और यूरिन इंफेक्शन (यूटीआई) जैसी समस्याएं शामिल हैं।