मुख्य सामग्री पर जाएं
ब्रेकिंग न्यूज़
फार्मेसी परीक्षा पर विवाद के बीच CM मान का बड़ा बयान, बोले- पेपर लीक नहीं, नकल की कोशिश हुई थी लोकसभा में पप्पू यादव का NTA पर बड़ा हमला, बोले- पेपर लीक की जड़ तक पहुंचे सरकार, चेयरमैन पर क्यों है इतनी मेहरबानी? भगवंत मान सरकार प्रदेश में स्वास्थ संबंधी समस्याओं को लेकर सजग छात्रों के समर्थन में अन्ना हजारे मौन व्रत पर, आंदोलन को मिला बड़ा साथ जंतर-मंतर पर अफरा-तफरी, छात्रों और निहंगों के बीच धक्का-मुक्की से बढ़ा तनाव PM मोदी के ऐलान पर राहुल गांधी का पलटवार, रखीं 3 बड़ी मांगें CJP Protest: दिल्ली में बवाल, 16 मेट्रो स्टेशन बंद; सरकार से बातचीत को तैयार CJP पंजाब में बनाए जाएंगे 10 लाख नए राशन कार्ड 22 जुलाई से शुरू होंगे आवेदन :मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान PM मोदी का राहुल गांधी पर तंज: मैं 56 साल के युवा की बात नहीं, 28 साल के युवाओं की बात कर रहा हूं सोनम वांगचुक को दूसरे अस्पताल शिफ्ट करने की मांग, दिल्ली हाईकोर्ट में जल्द सुनवाई

वाराणसी के 50 मुस्लिम मोहल्लों के नाम परिवर्तन की मांग, हिंदू संगठनों ने महापौर और डीएम को सौंपा पत्र

वाराणसी के 50 मुस्लिम मोहल्लों के नाम परिवर्तन की मांग, हिंदू संगठनों ने महापौर और डीएम को सौंपा पत्र

वाराणसी में कुछ हिंदू संगठनों और स्थानीय नागरिकों ने ऐसे 50 मोहल्लों के नाम बदलने की मांग की है, जिनके नाम मुस्लिम शासकों या आक्रमणकारियों से जुड़े हुए हैं। इस मांग को लेकर संगठनों ने नगर निगम, महापौर और जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा है। इसके बाद यह मुद्दा राजनीतिक और सामाजिक चर्चा का विषय बन गया है।

औरंगाबाद मोहल्ले का नाम बदलने की मांग

विश्व वैदिक सनातन न्यास के राष्ट्रीय अध्यक्ष संतोष सिंह ने वाराणसी के महापौर से मुलाकात कर औरंगाबाद का नाम बदलने का अनुरोध किया। उनका कहना है कि यह नाम मुगल शासक औरंगजेब के नाम पर रखा गया था, जो गुलामी और अत्याचार का प्रतीक है। उन्होंने इस मोहल्ले का नाम लक्ष्मी नगर, नारायणी नगर या पूर्ववर्ती नाम शिवाजी नगर करने का सुझाव दिया है।

अन्य 50 मोहल्लों के नाम बदलने की मांग

सनातन रक्षक दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष अजय शर्मा ने भी वाराणसी के कई अन्य मोहल्लों, जैसे खलिसपुरा और मदनपुरा, के नाम बदलने की मांग की है। उन्होंने डीएम, नगर आयुक्त और महापौर से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपते हुए कहा कि ये मोहल्ले काशी के पौराणिक और धार्मिक स्थलों में आते हैं। उनका मानना है कि मुगल शासकों ने इन स्थलों के वास्तविक तीर्थ स्वरूप को नष्ट कर यहां नए नाम दे दिए थे।

स्थानीय पार्षद विजय द्विवेदी ने भी महापौर को पत्र लिखकर मांग की है कि इन क्षेत्रों का नाम पौराणिक आधार पर रखा जाए।

राजनीतिक दलों की प्रतिक्रिया

इस मुद्दे पर कांग्रेस और समाजवादी पार्टी (सपा) ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। कांग्रेस प्रवक्ता वैभव त्रिपाठी ने कहा कि जनता ने बीजेपी को शहर के विकास के लिए चुना था, लेकिन सरकार अब नाम बदलकर सांप्रदायिक ध्रुवीकरण करने का प्रयास कर रही है।

स्थानीय निवासी शैलेन्द्र त्रिपाठी ने चिंता जताई कि यदि नाम बदले जाते हैं, तो बैंक, आधार कार्ड, वोटर कार्ड और अन्य सरकारी दस्तावेजों में पते बदलने की समस्या खड़ी हो जाएगी। उन्होंने सवाल किया कि इस असुविधा का समाधान कौन करेगा?

नगर निगम में होगी चर्चा

बीजेपी के पार्षद और उपसभापति नरसिंह दास ने बताया कि हिंदू संगठनों ने नगर आयुक्त और महापौर को पत्र सौंपकर नाम बदलने की मांग की है। हालांकि, अभी इस पर कोई आधिकारिक प्रस्ताव पारित नहीं किया गया है। नगर निगम की बैठक में इस पर चर्चा होगी और उसके बाद ही कोई निर्णय लिया जाएगा।

Share This
अगला लेख → अपहरण और दुष्कर्म के आरोपी को जमानत मिलते ही फिर से किशोरी क…

टिप्पणी करें

Your email address will not be published. Required fields are marked *

ताज़ा ख़बरें
बाज़ार
सेंसेक्स 77,655 +889 (+1.16%)
निफ्टी 24,250 +265 (+1.1%)
मौसम
22°C
Partly Cloudy
💧 89% 💨 5 km/h
Dehradun