शेयर बाजार में फिर आएगी रफ्तार! इन 7 कारणों से दिखेगी जबरदस्त तेजी
पिछले कुछ महीनों में शेयर बाजार में लगातार गिरावट देखने को मिली, जिससे निवेशकों को भारी नुकसान हुआ। हालांकि, अब स्थिति में सुधार के संकेत मिलने लगे हैं। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि अब बाजार में तेजी लौट सकती है। ऐसे में निवेशकों को जल्दबाजी में नुकसान उठाने से बचना चाहिए। आइए जानते हैं कि बाजार में सुधार की उम्मीद क्यों जताई जा रही है।
बाजार में तेजी लौटने के संभावित कारण
- बजट: हाल ही में पेश किए गए बजट में कुछ सकारात्मक नीतियां अपनाई गई हैं, जिससे निवेशकों का भरोसा बढ़ा है।
- इनकम टैक्स में कटौती: संभावित टैक्स कटौती से आम जनता के हाथ में ज्यादा पैसा आएगा, जिससे बाजार को बढ़ावा मिलेगा।
- गिरावट के बाद स्टॉक्स का सही वैल्यूएशन: लगातार गिरावट के चलते कई अच्छे स्टॉक्स अब सही मूल्य पर आ गए हैं, जिससे उनमें निवेश करने का सही अवसर बन रहा है।
- मिड और स्मॉल कैप कंपनियों के अच्छे तिमाही नतीजे: इन कंपनियों के सकारात्मक नतीजों से बाजार में नई ऊर्जा आने की संभावना है।
- दिल्ली चुनाव में भाजपा की वापसी: राजनीतिक स्थिरता बाजार के लिए सकारात्मक संकेत देती है।
- आईपीओ और क्यूआईपी में कमी: नए निवेश की सुस्ती से बाजार में संतुलन बना रहेगा।
- विदेशी निवेशकों (FII) की बिकवाली में कमी: जब विदेशी निवेशक बिकवाली कम कर देते हैं, तो बाजार को स्थिरता मिलती है।
विदेशी निवेशकों की गतिविधियों पर रहेगी नजर
विशेषज्ञों का मानना है कि इस सप्ताह शेयर बाजार की दिशा महत्वपूर्ण आर्थिक आंकड़ों और विदेशी निवेशकों की गतिविधियों पर निर्भर करेगी। मुद्रास्फीति, औद्योगिक उत्पादन के आंकड़े और प्रमुख कंपनियों के तिमाही नतीजे बाजार को प्रभावित कर सकते हैं। मास्टर ट्रस्ट ग्रुप के निदेशक पुनीत सिंघानिया के अनुसार, यह सप्ताह भारतीय और वैश्विक बाजारों के लिए महत्वपूर्ण होगा। बुधवार को अमेरिका के मुद्रास्फीति आंकड़ों पर सभी की निगाहें टिकी रहेंगी, जबकि भारत के औद्योगिक उत्पादन और मुद्रास्फीति के आंकड़े 12 फरवरी को जारी होंगे।
महत्वपूर्ण आर्थिक आंकड़े और कंपनियों के नतीजे
गुरुवार को ब्रिटेन की जीडीपी वृद्धि दर के आंकड़े जारी होंगे, जबकि शुक्रवार को अमेरिका की खुदरा बिक्री के आंकड़े सामने आएंगे। इसके अलावा, इस सप्ताह आयशर मोटर्स, ग्रासिम इंडस्ट्रीज, वोडाफोन आइडिया और स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया जैसी कंपनियां अपने तिमाही नतीजे पेश करेंगी।
जियोजीत फाइनेंशियल सर्विसेज के मुख्य निवेश रणनीतिकार वी. के. विजयकुमार का कहना है कि हालिया बजट और मौद्रिक नीति समिति (MPC) द्वारा रेपो दर में कटौती के कारण बाजार की धारणा में सुधार हो रहा है। साथ ही, दिल्ली चुनाव में भाजपा की जीत से भी अल्पकालिक रूप से बाजार को मजबूती मिलेगी। कुल मिलाकर, बाजार में सुधार के संकेत नजर आ रहे हैं और विशेषज्ञों को उम्मीद है कि आगे स्थिति बेहतर हो सकती है। निवेशकों को फिलहाल धैर्य बनाए रखना चाहिए और जल्दबाजी में कोई निर्णय नहीं लेना चाहिए।