मुख्य सामग्री पर जाएं
ब्रेकिंग न्यूज़
फार्मेसी परीक्षा पर विवाद के बीच CM मान का बड़ा बयान, बोले- पेपर लीक नहीं, नकल की कोशिश हुई थी लोकसभा में पप्पू यादव का NTA पर बड़ा हमला, बोले- पेपर लीक की जड़ तक पहुंचे सरकार, चेयरमैन पर क्यों है इतनी मेहरबानी? भगवंत मान सरकार प्रदेश में स्वास्थ संबंधी समस्याओं को लेकर सजग छात्रों के समर्थन में अन्ना हजारे मौन व्रत पर, आंदोलन को मिला बड़ा साथ जंतर-मंतर पर अफरा-तफरी, छात्रों और निहंगों के बीच धक्का-मुक्की से बढ़ा तनाव PM मोदी के ऐलान पर राहुल गांधी का पलटवार, रखीं 3 बड़ी मांगें CJP Protest: दिल्ली में बवाल, 16 मेट्रो स्टेशन बंद; सरकार से बातचीत को तैयार CJP पंजाब में बनाए जाएंगे 10 लाख नए राशन कार्ड 22 जुलाई से शुरू होंगे आवेदन :मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान PM मोदी का राहुल गांधी पर तंज: मैं 56 साल के युवा की बात नहीं, 28 साल के युवाओं की बात कर रहा हूं सोनम वांगचुक को दूसरे अस्पताल शिफ्ट करने की मांग, दिल्ली हाईकोर्ट में जल्द सुनवाई

संयुक्त राष्ट्र महासभा में डोनाल्ड ट्रंप का अंदाज़: बिना टेलीप्रॉम्प्टर बोले, नेताओं को हंसाकर बना दिया माहौल हल्का l

अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के मंच पर अपने अनोखे अंदाज़ में सभी का ध्यान खींच लिया। जैसे ही वे बोलने के लिए मंच पर पहुंचे, उन्होंने बिना किसी औपचारिकता के मज़ाकिया अंदाज़ में कहा— “मुझे बिना टेलीप्रॉम्प्टर के बोलने में कोई दिक्कत नहीं है, और इसे लेकर मैं बुरा भी नहीं मान रहा।”

उनकी यह बात सुनते ही सभा में मौजूद कई देशों के नेता ज़ोर से हंस पड़े और लंबे समय तक ठहाकों की गूंज सभागार में सुनाई देती रही। यह उनके भाषण की हल्की-फुल्की शुरुआत थी, जिसने वैश्विक स्तर की गंभीर बैठक का माहौल कुछ क्षणों के लिए सहज और रोचक बना दिया।

ट्रंप का यह भाषण लगभग 56 मिनट लंबा रहा। इसमें उन्होंने कई महत्वपूर्ण वैश्विक मुद्दों पर अपनी राय रखी, लेकिन बीच-बीच में उनकी हाज़िरजवाबी और चुटकुले भी आते रहे, जिनसे माहौल बार-बार हल्का हो गया।

उन्होंने अमेरिका की विदेश नीति, आर्थिक सुधार, वैश्विक सुरक्षा, ऊर्जा संकट और वर्ल्ड ट्रेड जैसे बड़े विषयों को छुआ। लेकिन अपनी बात रखने का अंदाज़ इतना अलग था कि कई बार गंभीर संदेश देते हुए भी उन्होंने सबको हंसने पर मजबूर कर दिया।

दरअसल, ट्रंप अपने बिंदास अंदाज़ और बेबाक बयानों के लिए जाने जाते हैं। इस बार भी जब उन्होंने कहा कि वे “टेलीप्रॉम्प्टर के बिना भी सहजता से बोल सकते हैं”, तो उनके आत्मविश्वास ने सबका ध्यान खींचा।

कई देशों के प्रतिनिधियों ने बाद में कहा कि ट्रंप का यह अंदाज़ भले ही असामान्य है, लेकिन इससे माहौल अधिक इंटरैक्टिव हो जाता है और श्रोताओं की रुचि बनी रहती है।

वैश्विक मुद्दों पर भी कड़ा रुख
भले ही भाषण की शुरुआत हास्यपूर्ण रही, लेकिन ट्रंप ने कई गंभीर बातें भी साफगोई से रखीं। उन्होंने कहा कि दुनिया को आतंकवाद और चरमपंथ के खिलाफ एकजुट होना चाहिए। इसके अलावा उन्होंने वैश्विक व्यापार में सुधार और ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की जरूरत पर ज़ोर दिया।

उनकी आलोचना पश्चिम एशिया की नीतियों और चीन की आर्थिक रणनीतियों पर भी झलकी। हालांकि, उनकी कुछ टिप्पणियों को लेकर कुछ प्रतिनिधियों ने हल्का असहमति भी जताई।

वैश्विक मंच पर ट्रंप का अलग अंदाज़
ट्रंप का यह भाषण एक बार फिर दिखाता है कि वे अंतरराष्ट्रीय राजनीति में परंपरागत तरीकों से हटकर अपनी शैली में मंच पर छा जाते हैं। जहां एक ओर कुछ लोग उनकी गंभीर मुद्दों पर हल्केपन की आलोचना करते हैं, वहीं दूसरी ओर कई लोग मानते हैं कि यही अंदाज़ उन्हें दूसरों से अलग बनाता है।

Share This
अगला लेख → CWC बैठक में खरगे का वार: 'योगी मोदी के उत्तराधिकारी बनने का…

टिप्पणी करें

Your email address will not be published. Required fields are marked *

ताज़ा ख़बरें
बाज़ार
सेंसेक्स 77,655 +889 (+1.16%)
निफ्टी 24,250 +265 (+1.1%)
मौसम
23°C
Partly Cloudy
💧 91% 💨 5 km/h
Dehradun