मुख्य सामग्री पर जाएं
ब्रेकिंग न्यूज़
छात्रों के समर्थन में अन्ना हजारे मौन व्रत पर, आंदोलन को मिला बड़ा साथ जंतर-मंतर पर अफरा-तफरी, छात्रों और निहंगों के बीच धक्का-मुक्की से बढ़ा तनाव PM मोदी के ऐलान पर राहुल गांधी का पलटवार, रखीं 3 बड़ी मांगें CJP Protest: दिल्ली में बवाल, 16 मेट्रो स्टेशन बंद; सरकार से बातचीत को तैयार CJP पंजाब में बनाए जाएंगे 10 लाख नए राशन कार्ड 22 जुलाई से शुरू होंगे आवेदन :मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान PM मोदी का राहुल गांधी पर तंज: मैं 56 साल के युवा की बात नहीं, 28 साल के युवाओं की बात कर रहा हूं सोनम वांगचुक को दूसरे अस्पताल शिफ्ट करने की मांग, दिल्ली हाईकोर्ट में जल्द सुनवाई जंतर-मंतर से अभिजीत दीपके को पुलिस ने हिरासत में लिया, संसद मार्च के बीच बड़ी कार्रवाई CJP प्रवक्ता सरकार से मिलने पहुंचे, संसद मार्च पर बढ़ी सियासी हलचल ‘हर अभद्र शब्द अश्लील नहीं’— सुप्रीम कोर्ट की महत्वपूर्ण टिप्पणी

सुबह 4:30 बजे चली गोली, घर में किसी ने नहीं सुनी—अक्षत की साजिश से उठा पर्दा

सुबह 4:30 बजे चली गोली, घर में किसी ने नहीं सुनी—अक्षत की साजिश से उठा पर्दा

लखनऊ में सामने आए एक सनसनीखेज हत्याकांड ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। 20 फरवरी की सुबह करीब 4:30 बजे हुई इस वारदात में बेटे अक्षत पर अपने पिता मानवेंद्र की गोली मारकर हत्या करने का आरोप है। हैरानी की बात यह है कि गोली चलने के बावजूद परिवार के अन्य सदस्यों ने कोई आवाज नहीं सुनी। उस समय मानवेंद्र के भाई अरविंद की पत्नी और बच्चे दूसरे तल पर सो रहे थे। अरविंद का कहना है कि सभी लोग गहरी नींद में थे, इसलिए किसी को कुछ सुनाई नहीं दिया। हालांकि, इस बयान से रहस्य और गहरा गया है।

जानकारी के अनुसार, घटना के समय मानवेंद्र अपने बेटे अक्षत और बेटी कृति के साथ एक ही बिस्तर पर सो रहे थे। बताया जा रहा है कि अक्षत ने अपनी बहन कृति के सामने ही पिता को गोली मारी। इस घटना के बाद से कृति गहरे सदमे में है। पुलिस उसे इस मामले में सरकारी गवाह बनाने की तैयारी कर रही है। मंगलवार को उससे पूछताछ की गई। कृति ने पुलिस को बताया कि मां की मौत के बाद उसके लिए पिता और भाई ही सहारा थे। अब पिता की हत्या और भाई की गिरफ्तारी के बाद वह खुद को अकेला महसूस कर रही है। हालांकि, हत्या से जुड़े सवालों पर उसने चुप्पी साध ली।

वारदात के बाद अक्षत ने मामले को छिपाने के लिए कथित तौर पर एक नई साजिश रची। उसने पिता के लापता होने की अफवाह फैलाई और “पापा लौट आओ” नाम से एक व्हाट्सएप ग्रुप बनाया। इस ग्रुप में मानवेंद्र के दोस्तों को जोड़ा गया। अक्षत ग्रुप में लगातार संदेश लिखता रहा—“पापा आप कहां हैं, वापस आ जाइए… हम आपको मिस कर रहे हैं।” वह दोस्तों के साथ मिलकर पिता की तलाश का दिखावा करता रहा, ताकि किसी को उस पर शक न हो। सूत्रों का कहना है कि इस ग्रुप के जरिए वह सभी गतिविधियों पर नजर रखना चाहता था।

जांच में यह भी सामने आया है कि गोली लगने से कमरे की दीवारों पर खून के छींटे पड़ गए थे। इन्हें मिटाने के लिए अक्षत पेंट खरीदकर लाया और दीवार को दोबारा रंग दिया। इस पूरे घटनाक्रम ने मामले को और पेचीदा बना दिया है।

मानवेंद्र के दोस्त मुकुल ने बताया कि 19 फरवरी को उनकी मुलाकात मानवेंद्र से हुई थी, जबकि एक अन्य दोस्त धर्मेंद्र के अनुसार मानवेंद्र 19 की रात 1:34 बजे तक ऑनलाइन थे। दूसरी ओर, अरविंद ने बताया कि वह 12 से 22 फरवरी तक जालौन में घर निर्माण कार्य के सिलसिले में छुट्टी पर थे और घटना की सूचना मिलने के बाद लखनऊ पहुंचे।

पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम डॉक्टरों के पैनल से कराया है और पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी भी कराई गई। मामले की जांच जारी है और कई बिंदुओं पर पड़ताल की जा रही है। बुधवार को मानवेंद्र का अंतिम संस्कार किया जाएगा। यह घटना न केवल एक परिवार को तोड़ गई है, बल्कि कई अनुत्तरित सवाल भी छोड़ गई है, जिनके जवाब अब पुलिस जांच के बाद ही सामने आएंगे।

Share This
अगला लेख → सीएम भगवंत मान का विपक्ष पर वार: ‘दशकों तक बच्चों को जानबूझक…

टिप्पणी करें

Your email address will not be published. Required fields are marked *

ताज़ा ख़बरें
बाज़ार
सेंसेक्स 76,766 -70 (-0.09%)
निफ्टी 23,985 -11 (-0.05%)
मौसम
22°C
Light rain shower
💧 96% 💨 4 km/h
Dehradun