सेफ सिटी परियोजना में बच्चो और बुजुर्गो को भी शामिल किया जाये – योगी आदित्यनाथ
लखनऊ – उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने आज यहां अपने सरकारी आवास पर सेफ सिटी परियोजना के कार्यां की समीक्षा की। मुख्यमंत्री जी ने प्रदेश में क्रियान्वित सेफ सिटी परियोजना के विस्तार की कार्ययोजना का अवलोकन किया। उन्होंने नगर निगम मुख्यालय वाले सभी शहरों तथा जनपद गौतमबुद्धनगर मुख्यालय को सेफ सिटी के रूप में अपडेट करने के सम्बन्ध में निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के मार्गदर्शन में राज्य सरकार प्रदेश के हर नागरिक की सुरक्षा और उनके विकास के लिए अनुकूल माहौल उपलब्ध कराने के लिए संकल्पित है। इस दिशा में विगत 06 वर्षां में किए गए प्रयासों के आशातीत परिणाम मिले हैं। आज प्रदेश में हर महिला, हर व्यापारी सुरक्षित है। लोगों में अपनी सुरक्षा के प्रति एक विश्वास है। यह विश्वास सतत बना रहे, इसके लिए हमें 24 घंटे अलर्ट मोड में रहना होगा।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि महिला सुरक्षा, सम्मान व स्वावलम्बन सुनिश्चित करने के संकल्प की पूर्ति में ‘सेफ सिटी परियोजना’ अत्यंत उपयोगी सिद्ध हो रही है। प्रदेश में इस परियोजना के माध्यम से लखनऊ पुलिस कमिश्नरेट के अन्तर्गत मॉडर्न कण्ट्रोल रूम, पिंक पुलिस बूथ, आशा ज्योति केन्द्र, सी0सी0टी0वी0 कैमरे, महिला थानों में परामर्शदाताओं के लिए हेल्प डेस्क, बसों में पैनिक बटन व अन्य सुरक्षा उपायों को लागू करने में सहायता मिली है। अब हमें इसे और विस्तार देना होगा। ऐसे सभी नगरों के प्रवेश द्वार पर सेफ सिटी का बोर्ड लगा कर इसकी विशिष्ट ब्राण्डिंग भी की जाए। इस प्रकार, उत्तर प्रदेश सर्वाधिक सेफ सिटीज़ वाला देश पहला राज्य हो सकेगा। सेफ सिटी परियोजना अत्यन्त महत्वपूर्ण है। हमें आगामी 03 माह की अवधि में प्रथम चरण का कार्य पूरा करना होगा। सम्बन्धित विभाग को दी गई जिम्मेदारी तय समय-सीमा में पूरी की जाएं। मुख्य सचिव द्वारा सेफ सिटी के कार्यां की प्रगति की पाक्षिक समीक्षा की जाए।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि वर्तमान में सेफ सिटी परियोजना महिलाओं की सुरक्षा पर केन्द्रित है। हमें इसे विस्तार देते हुए बुजुर्गों, बच्चों और दिव्यांगजन की सुरक्षा से भी जोड़ना चाहिए। सेफ सिटी के माध्यम से सार्वजनिक स्थानों पर महिलाओं, बच्चों, बुजुर्गों व दिव्यांगजन के लिए एक सुरक्षित, संरक्षित एवं सशक्त वातावरण बनाने की मुहिम को आवश्यक तेजी मिलेगी। स्मार्ट सिटी परियोजना के अन्तर्गत स्थापित इण्टीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेण्ट सिस्टम से शहरों की सुरक्षा व्यवस्था स्मार्ट हुई है। व्यापारियों का सहयोग लेकर शहर में अधिकाधिक स्थानों पर सी0सी0टी0वी0 कैमरे लगाए जाएं।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि एन0सी0सी0/एन0एस0एस0 स्वयंसेविकाओं को सेफ सिटी स्वयंसेवी के रूप में दायित्व सौंपा जाना चाहिए। इन स्वयंसेविकाओं को निकटतम पिंक बूथ के सम्पर्क में रखा जाना चाहिए। विशेष परिस्थितियों में इन स्वयंसेविकाओं की भूमिका महत्वपूर्ण होगी।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि सेफ सिटी की परिकल्पना को साकार करने के लिए सार्वजनिक परिवहन वाले वाहन चालकों का सत्यापन आवश्यक है। ऐसे में, टैक्सी, ई-रिक्शा, ऑटो, टेम्पो आदि वाहन चालकों का विधिवत पुलिस वेरिफिकेशन किया जाए। नगर विकास विभाग और परिवहन विभाग मिलकर सभी नगरों में ई-रिक्शा के लिए रूट तय करें। यह सुनिश्चित करें कि तय सीमा से अधिक सवारी न बैठायी जाए। नगरों में निवासरत किरायेदारों के बारे में भी निकटतम थाने के पास पूरी जानकारी जरूर हो।