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सेवा परमो धर्मः को चरितार्थ करते ‘मुजीबुल्ला’

सेवा परमो धर्मः को चरितार्थ करते ‘मुजीबुल्ला’

ख़ास चेहरा – कोरोना महामारी में लोगों ने अलग अलग तरीके से देश की सेवा करी है। सभी का अपना योगदान है इस महामारी से लड़ने में। ऐसी ही लोगो की सेवा करने की मिशाल पेश की है लखनऊ के चारबाग रेलवे स्टेशन पर पिछले 50 सालों से कुली का काम करने वाले मुजीबुल्लाह ने। मुजिबल्लाह आज 80 साल के हैं और 1970 से अपनी रोजी रोटी कमाने के किये लखनऊ चारबाग पर कुली का करते हैं और अपना घर चलाते हैं। मुजीबुल्लाह बताते हैं कि जब से लॉकडाउन हुआ तबसे देश की हालत देख कर सब बहुत व्यथित थे और जिनसे जो पड़ सकता है वो सब वैसे योगदान दे रहे थे।
मुजीबुल्लाह के मन में भी लोगो की सेवा करने की इच्छा थी और जैसे ही उन्होंने सुना कि भारत सरकार ट्रेन चलायेगी तब उन्होंने ठान लिया कि वो भी लोगों का सामान मुफ्त में उठाएंगे और उनकी सेवा करेंगे। मुजीबुल्लाह रोजाना दोपहर में नमाज पढ़कर स्टेशन पहुंच जाते हैं और भारी भरकम समान लेकर चल रहे लोगो का सामना उठाकर उन्हें उनकी बस तक पहुंचाते हैं । मुजीबुल्लाह बताते हैं लोगो की सेवा करके जो सुकून मिलता है, आशीर्वाद मिलता है उससे वो तृप्त हो जाते हैं। पहले जब लॉकडाउन नही था तब वे रोजाना 500-700 कमा लेते थे पर अब पैसे तो नही कमा पाए लेकिन लोगो की सेवा की और दुवाएं ही उनकी कमाई है।

लोगो की सेवा करने के साथ ही मुजीबुल्लाह लोगो को जागरूक भी कर रहे हैं , वो कहते हैं कि इस बीमारी से लड़ना है तो मास्क लगाये, हाथ धुले(वो खुद अपने जेब मे साबुन लेकर घूमते हैं) । वो 50 साल से यहां काम कर रहे, कई बीमारियां देखी हैं पर कहते हैं कि ये बीमारी अलग है और इससे लड़ने में सबको योगदान देना जरूरी है।

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