हिजाब में दीपिका: ट्रोल्स की आग, लेकिन सच्चाई कुछ और है
हाल ही में बॉलीवुड स्टार दीपिका पादुकोण और रणवीर सिंह ने एक ट्रैवल प्रमोशनल विज्ञापन में साथ काम किया, जिसका वीडियो इंटरनेट पर काफी वायरल हुआ। यह विज्ञापन अबू धाबी टूरिज्म से जुड़ा था, जिसमें दीपिका अबाया और हिजाब पहने नजर आईं। विज्ञापन में वे मशहूर शेख जायद ग्रैंड मस्जिद की सैर करती दिखाई देती हैं। हालांकि, वीडियो सामने आते ही सोशल मीडिया पर इसे लेकर विवाद शुरू हो गया।
कुछ लोगों ने दीपिका को हिजाब पहनने को लेकर ट्रोल किया। कई यूजर्स ने आरोप लगाया कि वे विदेश की संस्कृति को बढ़ावा दे रही हैं, लेकिन भारत के धार्मिक स्थलों या संस्कृति को इस तरह से प्रस्तुत नहीं करतीं। कुछ ने यहां तक कह दिया कि उन्होंने “हिंदू धर्म का अपमान” किया है। कई ने वीडियो के कमेंट सेक्शन में “जय श्री राम” के नारे लिखे और उन्हें “दोगली” तक कह डाला।
वहीं दूसरी ओर, दीपिका के समर्थन में भी लोग सामने आए। फैंस और तटस्थ यूजर्स ने बताया कि शेख जायद मस्जिद में प्रवेश के लिए अबाया पहनना अनिवार्य है — यह धार्मिक आचरण और स्थान के सम्मान का हिस्सा है। एक यूजर ने लिखा कि जब दीपिका भारत में मंदिर जाती हैं, तब भी वह हमेशा मर्यादित और पारंपरिक कपड़ों में नजर आती हैं, तो यह कहना गलत है कि वह अपनी संस्कृति का सम्मान नहीं करतीं।
कुछ सोशल मीडिया यूजर्स ने उदाहरण भी दिए कि हॉलीवुड स्टार रिहाना और अन्य सेलेब्रिटीज भी जब इस मस्जिद में गई थीं, तब उन्होंने अबाया पहना था।
इस पूरे मामले में साफ है कि कई बार स्टार्स का कोई साधारण सा कदम भी लोगों की भावनाओं से जुड़ जाता है और एक बड़ा मुद्दा बन जाता है। हालांकि यह भी सच है कि अलग-अलग संस्कृति और धार्मिक स्थलों के नियमों का पालन करना हर किसी की जिम्मेदारी होती है — फिर चाहे वह कोई आम व्यक्ति हो या स्टार।
यह विवाद यह भी दिखाता है कि आज के दौर में कलाकारों को हर कदम पर अपनी पसंद और व्यवहार को लेकर जवाब देना पड़ता है — चाहे वो एक देश के भीतर हों या किसी और संस्कृति के बीच।