हिमाचल प्रदेश में स्कूलों के बंद होने की संख्या 1200 तक पहुंच गई, मंत्री ने कबूला
हिमाचल प्रदेश के शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने बताया है कि पिछले ढाई सालों में राज्य के लगभग 1200 स्कूल बंद किए जा चुके हैं। इनमें से 450 स्कूल ऐसे थे, जहां एक भी छात्र का नामांकन नहीं था, जबकि बाकी स्कूलों में बच्चों की संख्या बहुत कम थी।
मंत्री ने यह भी बताया कि सरकार शिक्षा विभाग को और मजबूत बनाने के लिए कई अहम कदम उठा रही है। जरूरत पड़ने पर स्कूलों का विलय और पुनर्गठन भी किया जाएगा। खास बात यह है कि कक्षा 6 से 12 तक जहां नामांकन 25 से कम होगा, वहां स्कूलों को जोड़ा जाएगा, और जिन स्कूलों में नामांकन बिल्कुल नहीं होगा, उन्हें लगभग 100 स्कूल डीनोटिफाई कर दिए जाएंगे।
इसके अलावा, शिक्षा विभाग में काम करने वाले 778 अंशकालिक जलवाहकों को अब पक्की नौकरी दी गई है, जिन्होंने 31 मार्च 2025 तक 11 साल की सेवा पूरी कर ली थी।
भर्तियों के संदर्भ में मंत्री ने बताया कि शिक्षकों के 15,000 पद स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें प्राथमिक शिक्षा विभाग के लिए 3,900 पद शामिल हैं। इसके अलावा, हिमाचल प्रदेश चयन आयोग के जरिए जल्द ही 3,100 अतिरिक्त पद भरे जाएंगे।
पूर्ववर्ती सरकार के दौरान रुकी हुई भर्तियों को भी वर्तमान सरकार पूरा कर रही है। प्री-प्राइमरी शिक्षा को मजबूत करने के लिए 6,200 नर्सरी टीचर नियुक्त किए जाएंगे, जबकि उच्च शिक्षा विभाग में 483 असिस्टेंट प्रोफेसर की भर्ती भी की जाएगी।इस प्रकार, हिमाचल प्रदेश की सरकार शिक्षा क्षेत्र में सुधार और विस्तार के लिए सक्रिय रूप से काम कर रही है।