7 सितंबर से चलेंगी मेट्रो,शिक्षण संस्थान फिलहाल रहेंगे बंद
नई दिल्ली – कोरोना महामारी के चलते देश में लगे लॉक डाउन से अब अनलॉक की प्रक्रिया चल रही है ,1 सितंबर से देश अनलॉक-4 की शुरवात हो रही है। इसमें कंटेनमेंट जोन के बाहर लगभग सारी गतिविधियों की इजाजत दे दी गई है। अनलॉक-चार के दिशानिर्देशों में केंद्रीय गृह मंत्रालय ने साफ कर दिया कि राज्य सरकारें अपनी मर्जी से कंटेनमेंट जोन के बाहर कोई लॉकडाउन नहीं लगा सकेंगी। कुछ गिनी-चुनी गतिविधियों को छोड़कर अन्य सबकी अनुमति मिलेगी। पिछले पांच महीने बंद चल रही मेट्रो सेवाएं सात सितंबर से फिर शुरू हो जाएंगी।
मेट्रो का क्रमबद्ध परिचालन शुरू किया जाएगा। इसके लिए आवास एवं शहरी मंत्रालय तथा रेल मंत्रालय एसओपी जारी करेंगे।
क्या खुलेगा क्या रहेगा बंद
1- राज्य अपने यहां स्कूलों में 50 फीसद शिक्षकों एवं गैर-शिक्षक स्टाफ की अनुमति दे सकते हैं। इन्हें ऑनलाइन कोचिंग, टेली काउंसिलिंग एवं अन्य गतिविधियों की इजाजत होगी।
2- अभिभावकों की लिखित अनुमति से नौवीं से 12वीं के छात्र शिक्षकों से परामर्श के लिए स्कूल जा सकेंगे। उपस्थिति के लिए स्कूल छात्रों पर दबाव नहीं डालेंगे।
3- आइटीआइ एवं अन्य कौशल विकास एवं उद्यमिता प्रशिक्षण से जुड़े संस्थान भी परिचालन शुरू कर सकेंगे।
4- सामाजिक, धार्मिक, राजनीतिक, शैक्षणिक एवं खेल आयोजनों की अनुमति होगी। अधिकतम 100 लोग शामिल होंगे। फेस मास्क, शारीरिक दूरी व अन्य प्रावधानों का पालन करना होगा।
5- 20 सितंबर तक शादी में 50 एवं अंतिम संस्कार में 20 लोगों की अनुमति रहेगी। इसके बाद इनमें भी 100 लोग उपस्थित रह सकेंगे।
6- ओपन एयर थिएटर को परिचालन की अनुमति होगी।
कंटेनमेंट जोन के बाहर लगभग सभी गतिविधियों को इजाजत से यह संकेत स्पष्ट है कि रेलवे भी धीरे-धीरे परिचालन बढ़ा सकता है। दिशानिर्देशों में कहा गया है कि 22 मार्च से बंद चल रही मेट्रो का परिचालन शुरू करने के लिए शहरी विकास और रेल मंत्रालय नई एसओपी (मानक परिचालन प्रक्रिया) जारी करेंगे।
दिशा निर्देशों में यह भी कहा गया है कि सामाजिक, शैक्षणिक, खेल, मनोरंजन, सांस्कृतिक, धार्मिक, राजनीतिक समारोह और अन्य जमावड़ों को 100 व्यक्तियों की अधिकतम सीमा के साथ 21 सितंबर से अनुमति दी जाएगी।
अनलॉक 4 में सबसे महत्वपूर्ण बात ये है की कोई भी राज्य बिना केंद्र सरकार की इजाजत के अलग से लॉकडाउन नहीं लगा सकता है। दिशा निर्देशों में कहा गया है कि राज्य और केंद्र शासित प्रदेश की सरकारें केंद्र सरकार के परामर्श के बिना कंटेनमेंट जोन को छोड़कर किसी भी स्थानीय स्तर पर लॉकडाउन नहीं लगाएंगी। कंटेनमेंट जोन में 30 सितंबर तक लॉकडाउन का सख्ती से पालन कराया जाएगा।
1- सिनेमा हॉल, स्विमिंग पूल, मनोरंजन पार्क, क्लोज्ड थिएटर बंद रहेंगे
2- केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा अनुमति के अलावा शेष अंतर्राष्ट्रीय हवाई यात्राएं
3- पैसेंजर ट्रेनें बंद रहेंगी केवले चुनिंदा ट्रेनों के संचालन को इजाजत
शादी और अंतिम संस्कार में क्या होगी व्यवस्था
दिशानिर्देशों में शादी समारोह और अंतिम संस्कार का अलग से जिक्र नहीं है, लेकिन माना जा रहा है कि इनमें भी 100 लोगों के भाग लेने की इजाजत होगी। पहले शादी में 50 और अंतिम संस्कार में केवल 20 लोगों के उपस्थित रहने की अनुमति थी।
टीचिंग स्टाफ को बुलाने की परमिशन
सभी स्कूल, कॉलेज, कोचिंग संस्थानों को खोलने की इजाजत नहीं मिली है लेकिन मार्च से बंद पड़े हाईस्कूलों और उच्च शिक्षण संस्थानों में पहली बार हलचल शुरू होगी। 21 सितंबर के बाद 50 फीसद शिक्षकों और गैर-शिक्षक स्टाफ को स्कूल में आने की इजाजत दी गई है। ये ऑनलाइन कक्षाओं और टेली-काउंसिलिंग व स्कूल की अन्य गतिविधियों को अंजाम दे सकेंगे।
नौंवी से 12वीं तक के छात्रों जाने की इजाजत
स्कूलों और उच्च शिक्षण संस्थानों में भी पहली बार सीमित गतिविधियों की इजाजत दी गई है। सबसे अहम बात यह है कि पहली बार स्कूल में बच्चों को इजाजत मिली है। कंटेनमेंट जोन से बाहर के स्कूलों में नौंवी से 12वीं तक के छात्रों को जाने की इजाजत दी गई है। स्कूल इसके लिए बच्चों पर दबाव नहीं डाल सकेंगे, साथ ही बच्चों के माता-पिता से लिखित अनुमति भी लेनी होगी।