मुख्य सामग्री पर जाएं
ब्रेकिंग न्यूज़
छात्रों के समर्थन में अन्ना हजारे मौन व्रत पर, आंदोलन को मिला बड़ा साथ जंतर-मंतर पर अफरा-तफरी, छात्रों और निहंगों के बीच धक्का-मुक्की से बढ़ा तनाव PM मोदी के ऐलान पर राहुल गांधी का पलटवार, रखीं 3 बड़ी मांगें CJP Protest: दिल्ली में बवाल, 16 मेट्रो स्टेशन बंद; सरकार से बातचीत को तैयार CJP पंजाब में बनाए जाएंगे 10 लाख नए राशन कार्ड 22 जुलाई से शुरू होंगे आवेदन :मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान PM मोदी का राहुल गांधी पर तंज: मैं 56 साल के युवा की बात नहीं, 28 साल के युवाओं की बात कर रहा हूं सोनम वांगचुक को दूसरे अस्पताल शिफ्ट करने की मांग, दिल्ली हाईकोर्ट में जल्द सुनवाई जंतर-मंतर से अभिजीत दीपके को पुलिस ने हिरासत में लिया, संसद मार्च के बीच बड़ी कार्रवाई CJP प्रवक्ता सरकार से मिलने पहुंचे, संसद मार्च पर बढ़ी सियासी हलचल ‘हर अभद्र शब्द अश्लील नहीं’— सुप्रीम कोर्ट की महत्वपूर्ण टिप्पणी

राजा रघुवंशी हत्याकांड: सुप्रीम कोर्ट ने सोनम रघुवंशी की जमानत रद्द की, तीन हफ्ते में सरेंडर का आदेश

राजा रघुवंशी हत्याकांड में सुप्रीम कोर्ट ने आरोपी पत्नी सोनम रघुवंशी की जमानत रद्द कर तीन सप्ताह के भीतर सरेंडर करने का निर्देश दिया है। अदालत ने कहा कि यदि छह महीने में मुकदमे की सुनवाई में पर्याप्त प्रगति नहीं होती है तो वह दोबारा जमानत के लिए आवेदन कर सकती हैं। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने नई पीढ़ी, न्यूक्लियर फैमिली और गैजेट्स के बढ़ते प्रभाव पर भी महत्वपूर्ण टिप्पणियां कीं।

राजा रघुवंशी हत्याकांड: सुप्रीम कोर्ट ने सोनम रघुवंशी की जमानत रद्द की, तीन हफ्ते में सरेंडर का आदेश

नई दिल्ली | 23 जुलाई, 2026: इंदौर के ट्रांसपोर्ट कारोबारी राजा रघुवंशी हत्याकांड में आरोपी पत्नी सोनम रघुवंशी को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। सर्वोच्च अदालत ने उनकी जमानत रद्द करते हुए तीन सप्ताह के भीतर सरेंडर करने का आदेश दिया है। साथ ही अदालत ने स्पष्ट किया कि यदि मुकदमे की सुनवाई में छह महीने तक पर्याप्त प्रगति नहीं होती है, तो सोनम दोबारा जमानत याचिका दाखिल कर सकती हैं।

सोनम रघुवंशी को मिली जमानत के खिलाफ मेघालय सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। सुनवाई के दौरान सोनम के वकील ने दलील दी कि मामले में 94 गवाह हैं, लेकिन अब तक केवल चार गवाहों के बयान दर्ज हुए हैं। उन्होंने कहा कि सप्लीमेंट्री चार्जशीट दाखिल हो चुकी है और उनकी मुवक्किल जमानत की सभी शर्तों का पालन कर रही हैं।

वहीं, मेघालय सरकार की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत को बताया कि गिरफ्तारी और सरेंडर को लेकर उठाए जा रहे सवाल निराधार हैं। उन्होंने कहा कि चार्जशीट में आरोपी के सरेंडर का उल्लेख है और जिस दस्तावेज का हवाला दिया जा रहा है, उसमें केवल एक कानूनी धारा के उल्लेख में तकनीकी त्रुटि थी। उन्होंने यह भी तर्क दिया कि जमानत जारी रहने पर आरोपी के फरार होने की आशंका बनी रह सकती है।

सुनवाई के दौरान सोनम रघुवंशी ने खुद को निर्दोष बताते हुए कहा कि अभियोजन पक्ष का पूरा मामला परिस्थितिजन्य साक्ष्यों पर आधारित है और केवल आरोपों के आधार पर उन्हें दोषी नहीं ठहराया जा सकता।

सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने समाज में बदलते पारिवारिक ढांचे और नई पीढ़ी पर भी महत्वपूर्ण टिप्पणियां कीं। अदालत ने कहा कि आज की पीढ़ी पहले की तुलना में अधिक जानकारी रखती है, लेकिन मानसिक दबाव झेलने की क्षमता अपेक्षाकृत कम हो गई है। इस पर सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि “जानकारी ज्यादा है, लेकिन ज्ञान नहीं।”

जस्टिस वराले ने कहा कि आजकल लोग व्हाट्सऐप पर मिलने वाली जानकारी को ही ज्ञान मान लेते हैं। अदालत ने यह भी टिप्पणी की कि संयुक्त परिवार व्यक्ति को कठिन परिस्थितियों का सामना करना सिखाता है, जबकि न्यूक्लियर फैमिली में छोटी-छोटी समस्याएं भी तनाव का कारण बन जाती हैं।

कोर्ट ने बच्चों में बढ़ते मोबाइल उपयोग पर भी चिंता जताते हुए कहा कि आजकल रोते हुए बच्चों को समझाने के बजाय उनके हाथ में मोबाइल फोन थमा दिया जाता है, जो चिंताजनक प्रवृत्ति है। वहीं, सॉलिसिटर जनरल ने भी कहा कि एक रिपोर्ट के अनुसार न्यूक्लियर फैमिली सिस्टम के बढ़ने के साथ अवसाद (डिप्रेशन) के मामलों में भी वृद्धि देखने को मिल रही है।

Share This
अगला लेख → छात्र आंदोलन पर संसद में टकराव, हंगामे के बीच लोकसभा-राज्यसभ…

टिप्पणी करें

Your email address will not be published. Required fields are marked *

ताज़ा ख़बरें
बाज़ार
सेंसेक्स 76,766 -70 (-0.09%)
निफ्टी 23,985 -11 (-0.05%)
मौसम
23°C
Mist
💧 94% 💨 5 km/h
Dehradun