B.com करने के बाद इन सेक्टर्स में बना सकते है करियर, मिलेगी करोड़ो की जॉब
कॉलेज में आते ही बच्चे अपने करियर की चिंता सताने लगती है। करियर की टेंशन में छात्र अलग-अलग कोर्स में एडमिशन लेते हैं। ऐसे छात्र जो कॉमर्स में रुचि रखते हैं वे बीकॉम में एडमिशन लेते हैं, जिसके बाद उन्हें कुछ समझ ही नहीं आता। वे अपने आस-पास के लोगों की राय लेते हैं, कभी-कभी तो ये राय सही होती है, लेकिन कभी-कभी फलत हो जाती है। ऐसे में उसे बाद में पछतावा होता है। तो आज हम टॉप 5 सेक्टर के बारे में जानकारी देने जा रहे हैं, जिनमें बीकॉम के बाद किया जा सकता है।
बिजनेस अकाउंटिंग एंड टैक्सेशन
बीकॉम स्टूडेंट्स के लिए यह सेक्टर काफी अच्छा माना जाता है। बिजनेस अकाउंटिंग और टैक्सेशन कोर्स का उद्देश्य संस्थानों द्वारा प्रदान किए गए ऑन-द-जॉब प्रशिक्षण के आधार पर ट्रेंडी और कुशल अकाउंटिंग पेशेवरों को तैयार करना है। कई विश्वविद्यालय और कॉलेज यह पाठ्यक्रम प्रदान करते हैं। बीकॉम स्टूडेंट्स के लिए यह बेहतर विकल्प है। इस कोर्स के बाद आपको लाखों पैकेज आसानी से मिल जाएंगे।
एमबीए
बीकॉम के बाद ज्यादातर छात्र एमबीए के लिए जाते हैं। देश-विदेश के कई विश्वविद्यालय और कॉलेज यह कोर्स कराते हैं। इस समय CAT के लिए आवेदन भी शुरू हो गए हैं. अगर आप देश के प्रतिष्ठित संस्थान आईआईएम से एमबीए करना चाहते हैं तो यह परीक्षा दे सकते हैं क्योंकि आईआईएम से पास होने वाले छात्रों को करोड़ों रुपये का प्लेसमेंट मिलता है।
चार्टर्ड अकाउंटेंसी (सीए)
देखा गया है कि अब कॉमर्स स्टूडेंट के दिमाग में करियर विकल्प के तौर पर सबसे पहला कोर्स जो आता है वह है सीए यानी चार्टर्ड अकाउंटेंसी। बीकॉम के बाद सीए एक बेहतर विकल्प है। इसके लिए कई छात्र हाईस्कूल की पढ़ाई पूरी कर सीए की तैयारी में लग जाते हैं। यह देश की सबसे कठिन परीक्षाओं में से एक है। बता दें कि सीए में तीन चरण होते हैं सीपीटी, आईपीसीसी और सीए फाइनल। इसके बाद 2.5 साल की इंटर्नशिप के साथ तीनों चरणों को पार करने के बाद आप सर्टिफाइड चार्टर्ड अकाउंटेंट बन जाते हैं। बता दें कि विदेशी चार्टर्ड अकाउंटेंट लाखों-करोड़ों रुपए कमाते हैं।
कंपनी सचिव (सीएस)
सीए के बाद अगर किसी कोर्स का क्रेज कॉमर्स स्टूडेंट में देखा जाता है तो वह है सीएस। सीएस का मतलब कंपनी सचिव है, यह एक प्रबंधन प्रकार का पद है। किसी भी कंपनी में सभी कानूनी प्रबंधन के लिए सीएस जिम्मेदार होता है। सीएस आमतौर पर किसी भी फर्म के टैक्स रिटर्न का ध्यान रखते हैं और समय-समय पर कंपनी के निदेशक को कानूनी सहायता के रूप में टैक्स पर सलाह देते हैं। बीकॉम के बाद यह कोर्स भी बेहतर माना जाता है।