CM भगवंत मान का ऐलान, 1 अगस्त को महिलाओं के खातों में आएगी ‘सत्कार राशि’
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने घोषणा की है कि राज्य सरकार की ‘मावां धीयां सत्कार योजना’ के तहत पहली बार पंजीकरण कराने वाली महिलाओं के बैंक खातों में 1 अगस्त को सहायता राशि भेजी जाएगी। रूपनगर में आयोजित ‘एक शाम भगवान शिव के नाम’ भजन संध्या कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि सरकार महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए प्रतिबद्ध है और योजना का लाभ समयबद्ध तरीके से पात्र लाभार्थियों तक पहुंचाया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने बताया कि योजना के तहत सामान्य वर्ग की महिलाओं को 1,000 रुपये प्रतिमाह और अनुसूचित जाति की महिलाओं को 1,500 रुपये प्रतिमाह दिए जा रहे हैं। जिन महिलाओं ने पहली बार पंजीकरण कराया है, उनके खातों में तीन महीने की राशि एक साथ ट्रांसफर की जाएगी। उन्होंने कहा कि यह किसी पर सरकार का अहसान नहीं, बल्कि जनता के पैसे को जनता तक वापस पहुंचाने की प्रक्रिया है।
भगवंत मान ने कहा कि उनकी सरकार समाज के हर वर्ग के कल्याण के लिए काम कर रही है और महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए कई योजनाएं लागू की गई हैं। उन्होंने दावा किया कि सरकार की जनकल्याणकारी नीतियों से विपक्ष परेशान है, जबकि राज्य सरकार का उद्देश्य केवल लोगों के जीवन स्तर में सुधार लाना है।
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने पंजाब की सांप्रदायिक सद्भावना और भाईचारे की परंपरा को राज्य की सबसे बड़ी ताकत बताया। उन्होंने कहा कि पंजाब की धरती शांति, प्रेम और एकता का संदेश देती है तथा राज्य सरकार सभी धर्मों का समान सम्मान करती है। उन्होंने युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और कौशल विकास से जोड़ने पर भी जोर दिया, ताकि वे अपने उज्ज्वल भविष्य का निर्माण कर सकें।
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार श्री गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी दिवस और श्री गुरु रविदास जी महाराज के 650वें प्रकाश पर्व के आयोजन की व्यापक तैयारियां कर रही है। इसके अलावा मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना के तहत श्रद्धालुओं को श्री हरिमंदिर साहिब, दुर्ग्याणा मंदिर, भगवान वाल्मीकि तीर्थ, श्री आनंदपुर साहिब, नैना देवी, हरिद्वार, खाटू श्याम जी और सालासर बालाजी सहित विभिन्न धार्मिक स्थलों की निशुल्क यात्रा की सुविधा भी उपलब्ध कराई जा रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य केवल विकास कार्यों तक सीमित नहीं है, बल्कि सामाजिक समरसता, धार्मिक आस्था के सम्मान और महिलाओं के सशक्तिकरण को भी समान प्राथमिकता देना है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार आगे भी जनहित से जुड़ी योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करती रहेगी, ताकि अधिक से अधिक लोगों को उनका लाभ मिल सके।