Eli Lilly ने भारत में लॉन्च की वजन घटाने और डायबिटीज की लोकप्रिय दवा, बढ़ी मांग
प्रसिद्ध दवा कंपनी एली लिली ने भारत में मोटापा और टाइप 2 मधुमेह के इलाज के लिए साप्ताहिक इंजेक्शन “मौनजारो” (टिर्जेपेटाइड) लॉन्च किया है। इस दवा को भारत में लॉन्च करने के लिए कंपनी को भारत के केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (सीडीएससीओ) से अनुमति मिली है। हालांकि, कंपनी ने अभी तक भारत में इस दवा की कीमत के बारे में कोई जानकारी साझा नहीं की है। अमेरिका और यूरोप में मौनजारो की मांग काफी अधिक है। भारत में इसका लॉन्च कंपनी की उस व्यापक रणनीति का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य उभरते बाजारों में नवीन उपचारों तक पहुंच को बढ़ाना है।
रिपोर्ट्स के अनुसार, कंपनी इस दवा को सस्ती और सुलभ बनाने के लिए स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं, बीमा कंपनियों और नीति निर्माताओं के साथ मिलकर काम कर रही है। मौनजारो जीआईपी और जीएलपी-1 दोनों हार्मोन रिसेप्टर्स को सक्रिय करता है। क्लिनिकल परीक्षणों में यह दवा वजन घटाने और ब्लड शुगर को नियंत्रित करने में काफी प्रभावी साबित हुई है। जीएलपी-1, यानी ग्लूकागन-जैसे पेप्टाइड-1, मानव शरीर में पाए जाने वाले हार्मोन हैं, जो रक्त शर्करा के स्तर और भूख को नियंत्रित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
मोटापा और मधुमेह: एक बड़ी स्वास्थ्य चुनौती
लिली इंडिया के अध्यक्ष और महाप्रबंधक विंसलो टकर ने कहा कि भारत में मोटापा और टाइप 2 मधुमेह का दोहरा बोझ एक गंभीर सार्वजनिक स्वास्थ्य चुनौती बनकर उभर रहा है। कंपनी इन बीमारियों की रोकथाम और प्रबंधन में सुधार के लिए सरकार और उद्योग के साथ मिलकर काम करने के लिए प्रतिबद्ध है।
एक अमेरिकी अध्ययन (SURMOUNT-1 क्लिनिकल ट्रायल) के अनुसार, मोटापे से ग्रस्त मरीजों में मौनजारो ने 72 सप्ताह में उच्चतम खुराक (15mg) पर औसतन 21.8 किलोग्राम और सबसे कम खुराक (5mg) पर 15.4 किलोग्राम वजन कम करने में मदद की। इसके अलावा, तीन में से एक मरीज ने अपने शरीर के वजन का 25% से अधिक वजन कम किया, जो प्लेसीबो समूह में देखे गए 1.5% की तुलना में काफी अधिक है।
लिली इंडिया के वरिष्ठ चिकित्सा निदेशक डॉ. मनीष मिस्त्री ने कहा कि मौनजारो भारत में चयापचय स्वास्थ्य प्रबंधन के लिए एक नया दृष्टिकोण लेकर आएगा। यह दवा मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य परिणाम प्रदान करने में मददगार साबित हो सकती है।