“GST 2.0 पर देश की बड़ी कारोबारी हस्तियों की प्रतिक्रियाएं: आनंद महिंद्रा से हर्ष गोयंका तक की राय”
2025 में लागू हो रहे जीएसटी 2.0 सुधारों को लेकर देश की बड़ी कारोबारी हस्तियों ने अपनी महत्वपूर्ण प्रतिक्रियाएं दी हैं। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के नेतृत्व में हुई जीएसटी काउंसिल की बैठक में 12% और 28% टैक्स स्लैब खत्म कर 5% और 18% ही स्लैब बचाने का फैसला लिया गया है, जिसे कारोबारी वर्ग ने स्वागत योग्य कदम बताया है।
महिंद्रा समूह के चेयरमैन आनंद महिंद्रा ने इस फैसले को भारत की आर्थिक मजबूती और कारोबार में बढ़ावा देने वाला बताया है। उन्होंने कहा कि यह सुधार उपयोगकर्ताओं और उद्योग दोनों के लिए बेहतर है और इससे भारत की वैश्विक प्रतिस्पर्धा और निवेश आकर्षित करेंगे। आनंद महिंद्रा ने साथ ही सुधारों में और तेजी लाने की भी मांग की है ताकि आर्थिक विकास और रोजगार के अवसर और बढ़ें।
हर्ष गोयंका, उद्योगपति और मंझे हुए मेगा प्रोजेक्ट डेवलपर्स में से एक, ने भी इस खुले और सरल टैक्स स्ट्रक्चर को ‘आसान और पारदर्शी कर प्रणाली’ बताते हुए इसे छोटे और मध्यम व्यवसायों के लिए राहत माना है। उन्होंने कहा कि इससे कारोबारी माहौल सुधरेगा और टैक्स चोरी जैसे मुद्दों में कमी आएगी।
वित्त मंत्रालय ने भी संकेत दिया है कि यह बदलाव दिवाली से पहले आम आदमी के लिए एक बड़ा आर्थिक तोहफा है, जहां दैनिक उपयोग की वस्तुओं से लेकर गाड़ियों और इंश्योरेंस तक के लिए टैक्स दरों में कटौती हुई है।
साथ ही कुछ एक्सपर्ट्स ने इस सुधार की आलोचना करते हुए कहा है कि 18% टैक्स स्लैब में अभी भी कई वस्तुएं आती हैं जिनपर कर भार अधिक है, जिन पर भविष्य में और चर्चा होनी चाहिए।
कुल मिलाकर, देश की प्रमुख कारोबारी हस्तियां और उद्योग जगत जीएसटी 2.0 को एक क्रांतिकारी कदम मान रहे हैं जो देश के आर्थिक विकास की दिशा में बड़ा योगदान देगा।