Milkshake से ब्रेन सेल्स को नुकसान? स्टडी में चौंकाने वाला खुलासा, जानें नुकसान और हेल्दी विकल्प l
अगर आप भी नियमित रूप से मिल्कशेक पीते हैं तो सावधान हो जाएं। एक ताजा स्टडी में दावा किया गया है कि ज्यादा मिल्कशेक पीना आपके दिमाग की कोशिकाओं को नुकसान पहुंचा सकता है। शोध में बताया गया है कि उच्च वसा वाला मिल्कशेक पीने से मस्तिष्क की रक्त नलिकाओं की कार्यक्षमता प्रभावित होती है, जिससे ब्रेन की कार्यक्षमता धीमी पड़े और लंबे समय में ब्रेन सेल्स डैमेज होने का खतरा हो सकता है।
इस स्टडी में 18-35 और 60-80 वर्ष के उम्र वर्ग के पुरुषों को भारी वसा युक्त मिल्कशेक पिलाया गया। इसके बाद जांच की गई कि उनके मस्तिष्क में रक्त प्रवाह कैसे प्रभावित हुआ। परिणाम में पाया गया कि सिर्फ एक बार ऐसा मिल्कशेक पीने के चार घंटे बाद माइंड में रक्त नलिकाओं की लचक कम हो गई थी और रक्त प्रवाह बाधित हुआ था। यह दुष्परिणाम बड़े वयस्कों में सबसे अधिक देखा गया।
आख़बार “The Conversation” में प्रकाशित इस अध्ययन में शोधकर्ताओं ने इस तरह के मिल्कशेक को “ब्रेन बम” तक कह दिया है। भारी वसा युक्त भोजन, जिसमें मिल्कशेक शामिल हैं, हमारे दिल और दिमाग दोनों के लिए हानिकारक साबित हो सकते हैं।
शोधकर्ताओं ने चेतावनी दी है कि अगर ऐसी हाई-फैट डाइट को नियमित रूप से लिया जाए तो इससे स्ट्रोक, डिमेंशिया और अन्य मस्तिष्क संबंधी बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है। उन्होंने कहा कि “भले ही कभी-कभार मिल्कशेक पीना नुकसान न करे, लेकिन बार-बार ऐसा करना आपके दिमाग के लिए खतरा हो सकता है।”
स्वास्थ्य विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि हाई-फैट और ज्यादा शक्कर वाले मिल्कशेक की जगह हल्के और पौष्टिक विकल्प चुनें। जैसे कम फैट वाला दूध, सोया या बादाम दूध से बने मिल्कशेक ज्याद बेहतर विकल्प हैं। साथ ही ताजे फल और शुगर की मात्रा कम करके स्वस्थ मिल्कशेक बनाना आपके लिए फायदेमंद होगा।
मिल्कशेक की बजाय फलों का रस, नारियल पानी या घर पर बने स्मूदी लेना बेहतर माना जाता है। खासकर बुजुर्गों और हृदय रोगियों को अधिक वसा वाले पेय से बचना चाहिए।