UP के कई जिलों में बत्ती गुल, मुख्यमंत्री ने बुलाई बैठक
लखनऊ – यूपी में बिजली को लेकर निजीकरण के खिलाफ बिजली इंजीनियरों और कर्मचारियों का कार्य बहिष्कार मंगलवार को भी जारी है. सोमवार को ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा और बिजली कर्मचारी संघर्ष समिति के साथ हुए समझौते के बावजूद UPPCL के चेयरमैन ने समझौते पर हस्ताक्षर करने से मना कर दिया.अब इस मुख्यम्नत्री योगी आदित्यनाथ ने बेटीहक बुलाई है इस बैठक में ऊर्जा म्नत्री UPPCL के चैयरमेन अरविन्द कुमार और PVVNL के अधिकारी भी मौजूद रहेंगे
चेयरमैन के इस रुख के बाद कर्मचारियों ने साफ कर दिया कि समझौता अभी नहीं हुआ है और कार्य बहिष्कार जारी रहेगा. कर्मचारियों के आंदोलन के चलते यूपी के कई जिलों में बिजली और पानी का संकट खड़ा हो गया है. पिछले दो दिनों से प्रदेश के कई जिलों में बिजली संकट बना हुआ है,वहीँ लखनऊ के कई वीआईपी इलाकों में बिजली व्यवस्था प्रभावित है.
बिजली कर्मियों के कार्य बहिष्कार का असर भी देखने को मिला. अधिकतर जिलों में बिजली कटौती से हाहाकार मच गया. सोमवार को यूपी में अधिकांश हिस्सों में बिजली की सप्लाई नहीं हो सकी. इसके चलते लाखों लोगों को अंधेरे में रहना पड़ा. जानकारी के मुताबिक, राजधानी लखनऊ में उप मुख्यमंत्री और ऊर्जा मंत्री समेत कुल 36 मंत्रियों के आवास में बिजली की सप्लाई नहीं हो पाई. सभी मंत्रियों के घर में अंधेरा छाया रहा. इसके अलावा हजारों घरों में भी पावर सप्लाई नहीं हो सकी.
पूर्वांचल विध्युत वितरण निगम लिमिटेड करोड़ो के घाटे में चल रहा है. हालांकि सरकार ने इसके सुधार के लिए कर्मचारियों को चेताया था.बावजूद इसके कोई सुधार नहीं हुआ. बिजली चोरी, कटिया कनेक्शन और बिजली बिल की वसूली करने में लापरवाही देखने को मिली, जिसके बाद सरकार ने इसे निजी हाथों में सौंपने का फैसला किया. जिसके विरोध में 5 अक्टूबर से बिजलीकर्मी अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार कर रहे हैं.