अलगाववादी खेमे को झटका,सैयद अली शाह गिलानी ने हुर्रियत कान्फ्रेंस से दिया इस्तीफा
जम्मू – प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की केंद्र सरकार के जम्मू कश्मीर को लेकर चल रहे विकास कार्यों और धारा 370 हटाने के बाद से अलगाववादी नेताओ पर भी शिकंजा कसता जा रहा है.इसके चलते अलगाववादी नेता सैयद अली शाह गिलानी ने हुर्रियत कांफ्रेंस ने खुद को अलग कर लिया है. गिलानी ने एक ऑडियो मैसेज में कहा कि हुर्रियत कांफ्रेंस के मौजूदा हालात को देखते हुए इस्तीफा देने का फैसला किया है.
आपको बता दे की कश्मीर में धारा-370 खत्म किए जाने के बाद से सियासी हालात लगातार बदल रहे हैं, तब से अलगाववादी खेमे की सियासत का ये सबसे बड़ा घटनाक्रम है. गिलानी ने कहा, ‘हुरियत कान्फ्रेंस के मौजूदा हालात को देखते हुए मैंनेअलग होने का फैसला किया है. फैसले के बारे में हुरियत के सारे लोगों को चिट्ठी लिखकर कर जानकारी दे दी गई है.’
हुर्रियत नेता गिलानी हमेशा विवादों में रहे हैं. पिछले साल अप्रैल में उनके खिलाफ आयकर विभाग ने बड़ी कार्रवाई की थी. आरोप है कि 1996-97 और 2001-02 के बीच उन्होंने कोई टैक्स नहीं दिया. इनकम टैक्स डिपार्टमेंट के मुताबिक उनपर 3.62 करोड़ का टैक्स बकाया था. ईडी भी उनपर जुर्माना लगा चुका है. इसके अलावा गिलानी पर अवैध तरीके से विदेशी मुद्रा रखने का आरोप भी लग चुका है.