मुख्य सामग्री पर जाएं
ब्रेकिंग न्यूज़
छात्रों के समर्थन में अन्ना हजारे मौन व्रत पर, आंदोलन को मिला बड़ा साथ जंतर-मंतर पर अफरा-तफरी, छात्रों और निहंगों के बीच धक्का-मुक्की से बढ़ा तनाव PM मोदी के ऐलान पर राहुल गांधी का पलटवार, रखीं 3 बड़ी मांगें CJP Protest: दिल्ली में बवाल, 16 मेट्रो स्टेशन बंद; सरकार से बातचीत को तैयार CJP पंजाब में बनाए जाएंगे 10 लाख नए राशन कार्ड 22 जुलाई से शुरू होंगे आवेदन :मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान PM मोदी का राहुल गांधी पर तंज: मैं 56 साल के युवा की बात नहीं, 28 साल के युवाओं की बात कर रहा हूं सोनम वांगचुक को दूसरे अस्पताल शिफ्ट करने की मांग, दिल्ली हाईकोर्ट में जल्द सुनवाई जंतर-मंतर से अभिजीत दीपके को पुलिस ने हिरासत में लिया, संसद मार्च के बीच बड़ी कार्रवाई CJP प्रवक्ता सरकार से मिलने पहुंचे, संसद मार्च पर बढ़ी सियासी हलचल ‘हर अभद्र शब्द अश्लील नहीं’— सुप्रीम कोर्ट की महत्वपूर्ण टिप्पणी

इस गांव में पानी की भारी किल्लत, शादियां हो रही रद्द, युवक रह गए अविवाहित

इस गांव में पानी की भारी किल्लत, शादियां हो रही रद्द, युवक रह गए अविवाहित

ओडिशा के नबरंगपुर जिले के पापड़ाहांडी ब्लॉक का आदिवासी गांव बदाबरली इस समय गंभीर जल संकट से गुजर रहा है। जैसे-जैसे गर्मी बढ़ रही है, वैसे-वैसे पानी की मांग भी तेजी से बढ़ रही है, लेकिन बदाबरली के लोगों के लिए पानी अब एक सपना बनता जा रहा है। गांव के करीब 200 से ज्यादा परिवार हर दिन पीने के पानी के लिए संघर्ष कर रहे हैं। गांव के सभी हैंडपंप खराब हो चुके हैं, और आसपास कहीं कोई तालाब या कुआं भी नहीं है।

हालात इतने बिगड़ चुके हैं कि गांव की लड़कियों की शादियां टल रही हैं, कई महिलाएं शादी के बाद ससुराल से वापस अपने मायके लौट गई हैं, क्योंकि वहां रहना अब आसान नहीं रह गया है। गांव के निवासी रवींद्र नाग बताते हैं, “यहां पानी की किल्लत इतनी ज्यादा है कि कोई अपनी बेटी की शादी इस गांव में नहीं करना चाहता। करीब 80 युवक आज भी अविवाहित हैं।”

पानी के लिए रोजाना 1.5 से 2 किलोमीटर पैदल चलना पड़ता है—या तो किसी झरने तक या फिर दूसरे गांवों में जाना पड़ता है। इसके बावजूद अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं मिला है।

गांव वालों का कहना है कि वे कई बार जिला प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से मदद की अपील कर चुके हैं, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। हालात इतने गंभीर हैं कि गांव को ‘वॉटर स्कार्सिटी रेड ज़ोन’ घोषित कर दिया गया है।

हालांकि बदाबरली सहित पापड़ाहांडी ब्लॉक के 50 गांवों के लिए एक मेगा ड्रिंकिंग वॉटर प्रोजेक्ट बनाया गया था, लेकिन नेशनल हाईवे डिपार्टमेंट से पाइपलाइन बिछाने की मंजूरी नहीं मिलने के कारण वह योजना अब तक अधर में लटकी है।

RWSS के सुपरिंटेंडिंग इंजीनियर प्रतीक कुमार राउत ने जानकारी दी कि पहले गांव में चार ट्यूबवेल थे, जिनमें से अब तीन बंद हो चुके हैं। वे यह भी कहते हैं कि जून तक इन गांवों में पानी पहुंचाने की कोशिश की जा रही है।

गांव के लोगों का कहना है कि अगर जल्द ही सरकार और प्रशासन ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया, तो वे आंदोलन शुरू करने के लिए मजबूर होंगे।

यह समस्या सिर्फ बदाबरली की नहीं है, बल्कि पूरे देश के लिए एक चेतावनी है। जब सड़क, बिजली और इंटरनेट गांव तक पहुंच सकता है, तो पीने का साफ पानी क्यों नहीं? सरकार को चाहिए कि वह इस आवश्यक और बुनियादी ज़रूरत पर प्राथमिकता के साथ काम करे, ताकि लोगों को उनके ही गांव में सम्मान और सुविधा के साथ जीवन जीने का हक मिले।

Share This
अगला लेख → महावीर जयंती के दिन इस जिले में मांस बिक्री पर रोक, 300 दुका…

टिप्पणी करें

Your email address will not be published. Required fields are marked *

ताज़ा ख़बरें
बाज़ार
सेंसेक्स 76,766 -70 (-0.09%)
निफ्टी 23,985 -11 (-0.05%)
मौसम
23°C
Light rain shower
💧 95% 💨 4 km/h
Dehradun