एक झटके में कम हुई सोने की कीमत जाने आपके शहर में कितना है रेट?
सोना और चांदी खरीदने वालों के लिए राहत की खबर आई, जब दोनों कीमती धातुओं की कीमतों में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई। यह गिरावट वैश्विक और घरेलू कारकों का परिणाम है। आइए, इस बदलाव के प्रमुख कारणों, शहर-वार कीमतों, और विशेषज्ञों की राय को विस्तार से देखें।
- बुधवार को 24 कैरेट सोने की कीमत रिकॉर्ड उच्च स्तर 1,02,330 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंची थी।
- गुरुवार को इसमें 1,360 रुपये की कमी आई, और कीमत 1,00,970 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गई।
- 22 कैरेट सोने की कीमत 1,250 रुपये घटकर 92,550 रुपये प्रति 10 ग्राम रही।
- 18 कैरेट सोने की कीमत 1,020 रुपये कम होकर 75,730 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गई।
- शहर-वार कीमतें (24 कैरेट सोना)**:
- मुंबई, चेन्नई, कोलकाता, बेंगलुरु, हैदराबाद, केरल, पुणे: 10,097 रुपये प्रति ग्राम।
- दिल्ली: 10,112 रुपये प्रति ग्राम।
- वडोदरा, अहमदाबाद**: 10,102 रुपये प्रति ग्राम।
अमेरिका और जापान जैसे देशों के साथ व्यापार समझौतों के कारण सोने की सुरक्षित निवेश (सेफ हेवन) के रूप में मांग कम हुई है। भारत में पिछले एक हफ्ते से सोने की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी के बाद कारोबारियों ने मुनाफा वसूली की, जिससे कीमतें घटीं।
- दो दिन की तेजी के बाद चांदी की कीमत में 1,000 रुपये प्रति किलोग्राम की गिरावट आई।
- वर्तमान में 1 किलोग्राम चांदी की रिटेल कीमत 1,18,000 रुपये है।
- 100 ग्राम चांदी की कीमत 100 रुपये घटकर 11,800 रुपये हो गई।
- कारण: वैश्विक स्तर पर कमजोर मांग और सोने की तरह ही मुनाफावसूली ने चांदी की कीमतों को प्रभावित किया।
विशेषज्ञों की राय
गुडरिटर्न्स की रिपोर्ट के अनुसार, केडिया एडवाइजरी के डायरेक्टर अजय केडिया ने निम्नलिखित बिंदुओं पर प्रकाश डाला:
- फेडरल रिजर्व की बैठक:
- अगले हफ्ते होने वाली फेडरल रिजर्व की बैठक पर बाजार की नजरें हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं होगा।
- कारोबारी अक्टूबर 2025 तक ब्याज दरों में संभावित कटौती की उम्मीद कर रहे हैं, जो सोने की कीमतों को प्रभावित कर सकता है।
- सोने की मांग और आयात:
- भारत में सोने की घरेलू मांग कमजोर है, क्योंकि उच्च कीमतों ने रिटेल निवेशकों को निराश किया है।
- जून 2025 में सोने का आयात 40% घटकर 21 टन रह गया, जो दो साल से अधिक समय में सबसे कम है।
- तकनीकी स्तर:
- सपोर्ट लेवल: 98,915 रुपये (संभावित गिरावट 98,410 रुपये तक)।
- रजिस्टेंस लेवल: 100,240 रुपये (इसके ऊपर जाने पर 101,060 रुपये तक पहुंच सकता है)।
प्रमुख बिंदु
- वैश्विक प्रभाव: अमेरिका और जापान जैसे देशों के साथ व्यापार समझौते और भारत-यूके फ्री ट्रेड डील जैसे कारकों ने सुरक्षित निवेश के रूप में सोने की मांग को कम किया है।
- भारत में प्रभाव: उच्च कीमतों के कारण मांग में कमी और मुनाफावसूली ने कीमतों को नीचे लाया है। साथ ही, डीलरों द्वारा बढ़ाई गई छूट ने भी बाजार को प्रभावित किया।
- भविष्य की संभावनाएं: फेडरल रिजर्व की ब्याज दर नीति और वैश्विक आर्थिक स्थिरता सोने की कीमतों को प्रभावित करने वाले प्रमुख कारक होंगे।