मुख्य सामग्री पर जाएं
ब्रेकिंग न्यूज़
छात्रों के समर्थन में अन्ना हजारे मौन व्रत पर, आंदोलन को मिला बड़ा साथ जंतर-मंतर पर अफरा-तफरी, छात्रों और निहंगों के बीच धक्का-मुक्की से बढ़ा तनाव PM मोदी के ऐलान पर राहुल गांधी का पलटवार, रखीं 3 बड़ी मांगें CJP Protest: दिल्ली में बवाल, 16 मेट्रो स्टेशन बंद; सरकार से बातचीत को तैयार CJP पंजाब में बनाए जाएंगे 10 लाख नए राशन कार्ड 22 जुलाई से शुरू होंगे आवेदन :मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान PM मोदी का राहुल गांधी पर तंज: मैं 56 साल के युवा की बात नहीं, 28 साल के युवाओं की बात कर रहा हूं सोनम वांगचुक को दूसरे अस्पताल शिफ्ट करने की मांग, दिल्ली हाईकोर्ट में जल्द सुनवाई जंतर-मंतर से अभिजीत दीपके को पुलिस ने हिरासत में लिया, संसद मार्च के बीच बड़ी कार्रवाई CJP प्रवक्ता सरकार से मिलने पहुंचे, संसद मार्च पर बढ़ी सियासी हलचल ‘हर अभद्र शब्द अश्लील नहीं’— सुप्रीम कोर्ट की महत्वपूर्ण टिप्पणी

गोंडा : 15 दिन बाद पीड़ित पक्ष पर मामला दर्ज, मोतीगंज पुलिस पर उठे सवाल

गोंडा : 15 दिन बाद पीड़ित पक्ष पर मामला दर्ज, मोतीगंज पुलिस पर उठे सवाल

दिसंबर माह की 21 तारीख को मोतीगंज थाना क्षेत्र के विद्यानगर ककरहवा गांव में दबंगों ने एक बुजुर्ग, भारत वर्मा, की बेरहमी से पिटाई कर दी, जिससे उनका एक पैर टूट गया। घायल अवस्था में उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों ने उनके पैर का ऑपरेशन किया। इस मामले में भारत वर्मा की पत्नी सावित्री देवी की तहरीर पर पुलिस ने 22 दिसंबर को एफआईआर दर्ज की। आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई न होने के कारण मामले ने नया मोड़ ले लिया।

पुलिस ने पीड़ित पर ही दर्ज किया मुकदमा

हैरानी की बात यह है कि घटना के 15 दिन बाद, 5 जनवरी को, मोतीगंज पुलिस ने भारत वर्मा और उनके परिवार के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज कर लिया। पुलिस की इस कार्रवाई से पीड़ित पक्ष में रोष है। उनका आरोप है कि दबंगों ने पुलिस से साठगांठ कर यह मुकदमा दर्ज करवाया है ताकि उन पर सुलह के लिए दबाव बनाया जा सके।

थाना प्रभारी की कार्यशैली पर सवाल

मोतीगंज थाने की प्रभारी निरीक्षक अनीता यादव की कार्यशैली लगातार सवालों के घेरे में है। सूत्रों का कहना है कि अनीता यादव को सीओ सदर शिल्पा वर्मा का संरक्षण प्राप्त है, जिसके चलते कई मामलों में निष्पक्ष जांच नहीं हो पाती। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि जब भी शिकायत उच्च अधिकारियों तक पहुंचती है, तब अनीता यादव और शिल्पा वर्मा मामले को गुमराह कर कार्रवाई से बचती हैं।

धमकियों का सामना कर रहा पीड़ित परिवार

भारत वर्मा के परिवार का कहना है कि आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई न होने से उनके हौसले बुलंद हैं। आरोप है कि विपक्षी उन्हें सुलह के लिए धमकियां दे रहे हैं। दबाव के चलते पूरा परिवार भयभीत है।

निष्पक्ष जांच की मांग

पीड़ित परिवार ने डीआईजी अमित पाठक और पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल से मिलकर मामले की निष्पक्ष जांच और न्याय की मांग की है। सावित्री देवी का कहना है कि अगर स्थानीय स्तर पर न्याय नहीं मिला तो वे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलकर अपनी बात रखेंगे।

पुलिस की कार्यशैली पर सवाल

पीड़ित परिवार ने मोतीगंज पुलिस पर विपक्षियों से मिलीभगत के गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि आरोपियों पर कार्रवाई न करना और घटना के 15 दिन बाद क्रॉस केस दर्ज करना पुलिस की मंशा पर सवाल खड़े करता है। इस मामले की निष्पक्ष जांच के बिना पीड़ितों को न्याय मिल पाना मुश्किल है।

Share This
अगला लेख → आसाराम को जमानत मिलने पर पीड़िता के परिवार ने जताई चिंता, पु…

टिप्पणी करें

Your email address will not be published. Required fields are marked *

बाज़ार
सेंसेक्स 76,923 +87 (+0.11%)
निफ्टी 24,006 +10 (+0.04%)
मौसम
28°C
Light rain shower
💧 79% 💨 6 km/h
Dehradun