टाटा ग्रुप की इस कंपनी में निवेश का अवसर, बोर्ड ने IPO लाने की हरी झंडी दी
टाटा समूह की वित्तीय सेवा कंपनी टाटा कैपिटल जल्द ही निवेशकों के लिए आईपीओ लाने जा रही है। जानकारी के मुताबिक, कंपनी के बोर्ड ने इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। यह टाटा ग्रुप की दूसरी कंपनी होगी जो बीते दो साल में शेयर बाजार में सूचीबद्ध होगी। इससे पहले, टाटा टेक्नोलॉजीज 2023 में स्टॉक एक्सचेंज में लिस्ट हुई थी, जबकि 2004 में टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) बाजार में आई थी।
आईपीओ की मंजूरी की खबर के बाद, मंगलवार को नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) पर टाटा इन्वेस्टमेंट कॉरपोरेशन के शेयरों में 8% की तेजी देखी गई और यह ₹6,220.75 के स्तर पर पहुंच गया।
टाटा कैपिटल के बारे में
टाटा कैपिटल एक गैर-बैंकिंग वित्तीय सेवा (NBFC) कंपनी है, जो टाटा संस की सहायक कंपनी के रूप में कार्य करती है। टाटा इन्वेस्टमेंट कॉरपोरेशन (TICL) के पास कंपनी में 2% से अधिक हिस्सेदारी है, जबकि इसकी मूल कंपनी टाटा संस के पास 93% स्वामित्व है। हाल ही में, भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने टाटा कैपिटल को 2024-25 के लिए NBFC के रूप में वर्गीकृत किया था। नियामकीय दिशानिर्देशों के तहत, कंपनी को सितंबर 2025 तक शेयर बाजार में सूचीबद्ध होना आवश्यक है, जिसके चलते यह आईपीओ लाने की तैयारी कर रही है।
आईपीओ से जुड़ी मुख्य बातें
इस सार्वजनिक निर्गम में ₹10 प्रति शेयर के अंकित मूल्य वाले नए शेयर जारी किए जाएंगे, जिनकी कुल राशि ₹23 करोड़ होगी। इसके अलावा, कुछ मौजूदा पात्र शेयरधारक बिक्री पेशकश (OFS) के तहत अपने शेयर भी बेचेंगे। हालांकि, अभी तक यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि OFS का कुल आकार कितना होगा और कौन-कौन से शेयरधारक इसमें हिस्सा लेंगे।
कंपनी ने बताया कि OFS का अंतिम निर्णय बाजार की स्थिति, नियामकीय मंजूरी और अन्य कारकों पर निर्भर करेगा। इसके अलावा, टाटा कैपिटल के बोर्ड ने ₹1,504 करोड़ के राइट्स इश्यू को भी मंजूरी दी है, जिसकी रिकॉर्ड तिथि 25 फरवरी 2025 तय की गई है। हालांकि, राइट्स इश्यू के मूल्य और पात्रता अनुपात की जानकारी अभी सार्वजनिक नहीं की गई है।इस IPO से टाटा समूह की वित्तीय सेवा शाखा को मजबूती मिलेगी और निवेशकों के पास इसमें निवेश करने का शानदार अवसर होगा।