मध्यप्रदेश में उद्योगपतियों का बड़ा निवेश, इन सेक्टर्स में 13 लाख नई नौकरियों के अवसर
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उपस्थिति में सोमवार को भोपाल के राष्ट्रीय मानव संग्रहालय में दो दिवसीय ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट की शुरुआत हुई। पहले ही दिन इस समिट में भारी निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए। देश और विदेश के कई उद्योगपतियों ने भोपाल में बड़े पैमाने पर निवेश करने की घोषणा की। कुल मिलाकर 22 लाख 50 हजार 657 करोड़ रुपये के इंटेशन-टू-इन्वेस्ट, एमओयू और निवेश प्रस्ताव राज्य सरकार को प्राप्त हुए हैं। सरकार का मानना है कि इन निवेश प्रस्तावों के जरिये 13 लाख 43 हजार 468 नए रोजगार के अवसर सृजित होंगे।
अडानी ग्रुप ने रिन्यूएबल एनर्जी, मैन्युफैक्चरिंग, सीमेंट, माइनिंग और थर्मल सेक्टर में 2.10 लाख करोड़ रुपये का निवेश करने का प्रस्ताव रखा है। वहीं, रिलायंस इंडस्ट्रीज ने बायोफ्यूल बेस्ड प्रोजेक्ट और रिन्यूएबल एनर्जी के क्षेत्र में 60,000 करोड़ रुपये के निवेश की घोषणा की है। आइए देखते हैं कि विभिन्न सेक्टर्स में कितने नए रोजगार उत्पन्न होने की संभावना है।
2047 तक 18 गुना बढ़ सकती है मध्यप्रदेश की अर्थव्यवस्था: CII रिपोर्ट
भारतीय उद्योग परिसंघ (CII) की रिपोर्ट के मुताबिक, मध्यप्रदेश की अर्थव्यवस्था 2047-48 तक 18 गुना बढ़कर 248.60 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच सकती है। रिपोर्ट में यह सुझाव दिया गया है कि राज्य को अपनी आर्थिक क्षमता का पूरा लाभ उठाने के लिए विनिर्माण क्षेत्र को मजबूती देनी चाहिए और औद्योगिक विस्तार को प्राथमिकता देनी चाहिए।
वर्तमान में मध्यप्रदेश का सकल राज्य घरेलू उत्पाद (GSDP) 13.60 लाख करोड़ रुपये है, जो 8.60 प्रतिशत की चक्रवृद्धि वार्षिक वृद्धि दर (CAGR) से बढ़ते हुए 2047-48 तक 248.60 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है। रिपोर्ट के अनुसार, सरकार को परिवहन अवसंरचना, मल्टी-मॉडल लॉजिस्टिक पार्क, हवाई माल परिवहन और विमानन संपर्क को मजबूत करने पर विशेष ध्यान देना चाहिए।
इसके अलावा, अधिक रोजगार उत्पन्न करने वाले क्षेत्रों जैसे कपड़ा और खाद्य प्रसंस्करण उद्योगों में कुशल कार्यबल की उपलब्धता को प्राथमिकता देनी होगी। साथ ही, भूमि अधिग्रहण और पंजीकरण प्रक्रियाओं को सरल बनाना भी आवश्यक है, ताकि औद्योगिक विकास को गति मिल सके।