दांतों की कैविटी खुद ठीक नहीं होती, तुरंत डेंटिस्ट को दिखाना जरूरी: एक्सपर्ट से जानें कारण और बचाव l
दांतों की कैविटी या सड़न एक आम लेकिन गंभीर समस्या है, जो समय पर इलाज न मिलने पर धीरे-धीरे बढ़ती जाती है। विशेषज्ञों के अनुसार, कैविटी अपने आप नहीं ठीक होती बल्कि इसके इलाज के लिए दांतों के डॉक्टर के पास जाना जरूरी होता है।
डॉ. कमल बी कपूर के मुताबिक, कैविटी तब होती है जब दांतों की ऊपरी सतह (इनेमल) पर बैक्टीरिया एसिड बनाकर नुकसान पहुंचाते हैं और सतह में छेद या गड्ढा बन जाता है। शुरुआती चरण में, अगर उचित देखभाल और फ्लोराइड युक्त टूथपेस्ट से इलाज किया जाए तो दांत की सतह पर हुई थोड़ी बहुत क्षति ठीक हो सकती है। इसे रिमिनरलाइजेशन कहते हैं।
लेकिन जैसे ही कैविटी गहरी होकर डेंटिन तक पहुंचती है, तो दांत का सड़ना तेज हो जाता है और वह खुद से ठीक नहीं होता। इस स्तर पर डॉक्टर से परामर्श और इलाज जैसे फिलिंग, क्राउन या रूट कैनाल रुकथाम के लिए जरूरी होते हैं। इलाज न कराने पर कैविटी से दांत टूट सकते हैं या झड़ सकते हैं, जिससे अधिक परेशानी और दर्द होता है।
कैविटी को रोकने के लिए जरूरी है कि दांतों की नियमित सफाई करें, बरसात के बाद दांतों में प्लाक को हटाने के लिए ब्रश और फ्लॉस का उपयोग करें, कम मीठा भोजन करें और समय-समय पर डेंटिस्ट के पास जाकर चेकअप करवाएं।
विशेषज्ञों का कहना है कि दांतों की कैविटी को नजरअंदाज करना और दर्द या गड्ढे दिखने तक इंतजार करना सही तरीका नहीं है। शुरुआती चरण में इलाज कराने से दांत की मजबूती बनी रहती है और गंभीर समस्या से बचा जा सकता है।