पायलट भर्ती 2025: एविएशन मंत्री ने की घोषणा, 20 हजार पदों पर होगी भर्ती
नागरिक उड्डयन मंत्री के राममोहन नायडू ने गुरुवार को घोषणा की कि भारत में पायलटों की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए 20,000 नए पदों पर भर्ती की जाएगी। उन्होंने कहा कि देश में हवाई यात्रा का दायरा तेजी से बढ़ रहा है, जिससे विमानन क्षेत्र में नए पायलटों की आवश्यकता बढ़ गई है। भारत अब दुनिया के सबसे तेजी से विकसित हो रहे विमानन बाजारों में से एक बन चुका है।
हवाई अड्डों की संख्या में वृद्धि
मंत्री ने बताया कि विमानन क्षेत्र हमेशा से देश की कनेक्टिविटी, आर्थिक प्रगति और तकनीकी विकास की रीढ़ रहा है। भारत में अगले पांच वर्षों में 50 नए हवाई अड्डे बनाए जाएंगे। पिछले एक दशक में हवाई अड्डों की संख्या दोगुनी होकर 157 हो चुकी है, जिससे हवाई यात्रा को और भी बढ़ावा मिलेगा।
पायलटों की जरूरत और विमानन क्षेत्र का विस्तार
नायडू ने कहा कि आने वाले वर्षों में भारतीय एयरलाइंस के पास 1,700 नए विमानों के ऑर्डर हैं। इस वृद्धि को देखते हुए, देश को अगले कुछ वर्षों में कम से कम 20,000 नए पायलटों की आवश्यकता होगी।
ईपीएल (EPL) की शुरुआत – पायलट लाइसेंस प्रक्रिया होगी आसान
मंत्री नायडू ने इलेक्ट्रॉनिक पर्सनल लाइसेंस (EPL) की शुरुआत की भी घोषणा की, जिससे पायलटों को अपने लाइसेंस प्राप्त करने की प्रक्रिया और आसान व तेज़ हो जाएगी। यह सरकार के डिजिटल इंडिया मिशन के तहत की गई एक महत्वपूर्ण पहल है, जिससे उद्योग को भी फायदा होगा।
इस नई प्रणाली के तहत, भारत अब चीन के बाद दुनिया का दूसरा ऐसा देश बन गया है जिसने फ्लाइट क्रू के लिए ईपीएल प्रणाली लागू की है। नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) द्वारा इस प्रणाली को लागू करना सरकार की “ईज ऑफ डूइंग बिजनेस” और “डिजिटल इंडिया” पहल को और मजबूत करता है।