मुख्य सामग्री पर जाएं
ब्रेकिंग न्यूज़
फार्मेसी परीक्षा पर विवाद के बीच CM मान का बड़ा बयान, बोले- पेपर लीक नहीं, नकल की कोशिश हुई थी लोकसभा में पप्पू यादव का NTA पर बड़ा हमला, बोले- पेपर लीक की जड़ तक पहुंचे सरकार, चेयरमैन पर क्यों है इतनी मेहरबानी? भगवंत मान सरकार प्रदेश में स्वास्थ संबंधी समस्याओं को लेकर सजग छात्रों के समर्थन में अन्ना हजारे मौन व्रत पर, आंदोलन को मिला बड़ा साथ जंतर-मंतर पर अफरा-तफरी, छात्रों और निहंगों के बीच धक्का-मुक्की से बढ़ा तनाव PM मोदी के ऐलान पर राहुल गांधी का पलटवार, रखीं 3 बड़ी मांगें CJP Protest: दिल्ली में बवाल, 16 मेट्रो स्टेशन बंद; सरकार से बातचीत को तैयार CJP पंजाब में बनाए जाएंगे 10 लाख नए राशन कार्ड 22 जुलाई से शुरू होंगे आवेदन :मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान PM मोदी का राहुल गांधी पर तंज: मैं 56 साल के युवा की बात नहीं, 28 साल के युवाओं की बात कर रहा हूं सोनम वांगचुक को दूसरे अस्पताल शिफ्ट करने की मांग, दिल्ली हाईकोर्ट में जल्द सुनवाई

पेपर कप में चाय-कॉफी का सेवन स्वास्थ्य पर कैसे असर डालता है? जानें विशेषज्ञों की राय

पेपर कप में चाय-कॉफी का सेवन स्वास्थ्य पर कैसे असर डालता है? जानें विशेषज्ञों की राय

सर्दियों में लोग चाय और कॉफी का सेवन बहुत अधिक करते हैं, और इसके लिए डिस्पोज़ेबल कप का इस्तेमाल बढ़ गया है। हालांकि, यह सोच आम है कि कागज के कप सेहत के लिहाज से सुरक्षित होते हैं, लेकिन डॉक्टरों का कहना है कि यह बिलकुल सही नहीं है। विशेषज्ञों का मानना है कि पेपर कप बनाने में कई प्रकार के केमिकल और प्लास्टिक का इस्तेमाल किया जाता है, जो हमारी सेहत के लिए हानिकारक हो सकते हैं। इस मुद्दे पर नई दिल्ली स्थित पीएसआरआई अस्पताल के वरिष्ठ कंसल्टेंट हेमेटोलॉजिस्ट और ऑन्कोलॉजिस्ट डॉ. अमित उपाध्याय से बात की गई, जिन्होंने बताया कि पेपर कप सेहत के लिए क्यों खतरनाक हो सकते हैं और इसके बजाय हमें कौन से विकल्प चुनने चाहिए।

पेपर कप सेहत के लिए नुकसानदायक: चाय या कॉफी के लिए लोग अक्सर कागज के कप का उपयोग करते हैं, लेकिन इन कपों को पानी या अन्य तरल पदार्थों से बचाने के लिए इन पर एक खास तरह की अल्ट्रा थिन प्लास्टिक कोटिंग की जाती है, जिसे माइक्रोप्लास्टिक्स कहा जाता है। यह प्लास्टिक की परत कप के अंदर घुलने लगती है जब उसमें गर्म पेय डाला जाता है। माइक्रोप्लास्टिक के कण इतने छोटे होते हैं कि इनको सिर्फ माइक्रोस्कोप से देखा जा सकता है, लेकिन ये हमारे स्वास्थ्य के लिए अत्यधिक हानिकारक हैं। इन कणों का सेवन करने से हार्मोनल असंतुलन और कैंसर जैसी गंभीर बीमारियां हो सकती हैं।

क्या कहती है रिसर्च? आईआईटी खड़गपुर द्वारा किए गए एक अध्ययन के अनुसार, एक कागज के कप में लगभग 20,000 से 25,000 माइक्रोप्लास्टिक के कण हो सकते हैं, अगर उसमें 15 मिनट तक कोई गर्म पेय रखा जाए। ये कण शरीर में प्रवेश करके गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं पैदा कर सकते हैं।

बेहतर विकल्प क्या हैं? इसलिए, अपनी सेहत का ख्याल रखते हुए पेपर कप का उपयोग करने से बचना चाहिए। इसके बजाय, चीनी मिट्टी के कप या स्टेनलेस स्टील के कप का उपयोग करें। यदि आप बाहर चाय या कॉफी पी रहे हैं, तो मिट्टी के कुल्हड़ का इस्तेमाल एक बेहतरीन विकल्प हो सकता है। इसके अलावा, आप अपने साथ ऐसे कप रख सकते हैं, जिन्हें बार-बार इस्तेमाल किया जा सके। यह न केवल पर्यावरण के लिए अच्छा होगा, बल्कि हमारी सेहत के लिए भी फायदेमंद रहेगा।

Share This
अगला लेख → गुस्सा कौन-कौन सी बीमारियों का कारण बनता है? जानें इसके खतरन…

टिप्पणी करें

Your email address will not be published. Required fields are marked *

ताज़ा ख़बरें
बाज़ार
सेंसेक्स 77,655 +889 (+1.16%)
निफ्टी 24,250 +265 (+1.1%)
मौसम
22°C
Partly Cloudy
💧 89% 💨 5 km/h
Dehradun