बच्चों को किस उम्र से टूथपेस्ट लगाना चाहिए? जानें एक्सपर्ट की राय
अक्सर माता-पिता के मन में यह सवाल रहता है कि बच्चे के दांत साफ करने के लिए ब्रश कब से कराना चाहिए। आमतौर पर, विशेषज्ञों की सलाह है कि जैसे ही बच्चे का पहला दांत निकल आए या वह एक साल का हो जाए, उसे ब्रश कराना शुरू कर देना चाहिए। बच्चे के लिए किस प्रकार का टूथपेस्ट सही रहेगा, यह इस बात पर निर्भर करता है कि वह टूथपेस्ट थूकने में सक्षम है या नहीं। जब तक बच्चा सही से थूकना न सीख जाए, तब तक उसे फ्लोराइड युक्त टूथपेस्ट देने से बचना चाहिए।
लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज के दंत रोग विशेषज्ञ और एचओडी डॉ. प्रवेश मेहरा के अनुसार, बच्चे का पहला दांत आने के बाद ही टूथपेस्ट का इस्तेमाल शुरू किया जा सकता है। शुरुआत में, बहुत थोड़ी मात्रा, मटर के दाने से भी कम, टूथपेस्ट का उपयोग करें। जब बच्चा दो साल का हो जाए, तब मात्रा को बढ़ाकर मटर के दाने के बराबर किया जा सकता है। ब्रशिंग के दौरान यह सुनिश्चित करें कि बच्चा टूथपेस्ट को निगल न ले, क्योंकि इसमें मौजूद कुछ तत्व स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकते हैं। किसी भी संदेह की स्थिति में अपने बाल रोग विशेषज्ञ से परामर्श जरूर करें, क्योंकि वे आपके बच्चे की ओरल हेल्थ के आधार पर उचित सुझाव दे सकते हैं।
2 से 5 साल की उम्र में फ्लोराइड टूथपेस्ट शुरू करें
जब बच्चा 2 से 5 साल का हो जाए, तब मटर के दाने जितनी मात्रा में फ्लोराइड युक्त टूथपेस्ट का उपयोग करना सुरक्षित माना जाता है। इस उम्र में बच्चे को ब्रश करने में सहायता की आवश्यकता होती है, इसलिए माता-पिता को न केवल उनकी मदद करनी चाहिए बल्कि उन्हें यह भी सिखाना चाहिए कि टूथपेस्ट को थूकना जरूरी है।
बचपन से ही कैविटी से बचाव के लिए सही ब्रशिंग तकनीक अपनाना जरूरी है। ध्यान रखें कि बच्चा टूथपेस्ट को निगले नहीं। इसके अलावा, कुछ प्राकृतिक तरीकों जैसे सरसों के तेल, नमक और हल्दी का उपयोग भी दांतों और मसूड़ों को मजबूत करने में मदद कर सकता है। हालांकि, ये घरेलू उपाय छोटे बच्चों के लिए उपयुक्त नहीं होते, लेकिन बड़े लोग इन्हें अपना सकते हैं।