बरेली प्रशासन की सख्ती: तौकीर रजा के करीबी की इमारत ध्वस्त
बरेली में बुलडोजर से बड़ी कार्रवाई: रजा पैलेस ढहा
बरेली में 26 सितंबर को जुमे की नमाज़ के बाद हुए बवाल के आरोपियों पर पुलिस और प्रशासन का शिकंजा कसता जा रहा है। इसी कड़ी में शनिवार को आईएमसी के राष्ट्रीय महासचिव डॉ. नफीस खां और उनके पार्टनर शोएब बेग की बताई जा रही इमारत ‘रजा पैलेस’ को तीन बुलडोजरों की मदद से ध्वस्त कर दिया गया।
ध्वस्तीकरण से पहले बिजली कनेक्शन काट दिए गए थे। कार्रवाई के दौरान भारी पुलिस बल, पीएसी और रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) मौके पर तैनात रही ताकि किसी तरह की गड़बड़ी न हो। प्रशासन का कहना है कि यह अभियान उन लोगों के खिलाफ है, जिन्होंने अवैध तरीके से संपत्ति बनाई है या उपद्रव में शामिल रहे हैं।
मुख्य आरोपियों पर कार्रवाई जारी
जुमे के बाद हुए बवाल के मुख्य आरोपी मौलाना तौकीर रजा, आईएमसी महासचिव डॉ. नफीस खां और नदीम खां को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। प्रशासन ने साफ़ कहा है कि हिंसा फैलाने वालों और उनके करीबियों की अवैध संपत्तियों पर कार्रवाई जारी रहेगी।
फरहत खां के मकान पर भी प्रशासन की नजर
बवाल के दौरान तौकीर रजा को शरण देने के आरोप में फरहत खां के मकान पर शनिवार को कार्रवाई हुई। बीडीए ने उन्हें मकान खाली करने का नोटिस दिया था। मकान खाली होने पर जिला प्रशासन ने मुख्य गेट का ताला तोड़कर नया ताला लगाकर मकान सील कर दिया।
अवैध संपत्ति पर प्रशासन का कड़ा संदेश
जिला प्रशासन का कहना है कि रजा पैलेस अवैध निर्माण था और वक्फ या सरकारी जमीन पर कब्जा करके बनाया गया था। डॉ. नफीस खां की गिरफ्तारी के बाद उनके पार्टनर शोएब बेग की संपत्ति पर यह कार्रवाई हुई है। इसे उपद्रवियों और हिंसा के साजिशकर्ताओं को एक सख्त संदेश माना जा रहा है कि अवैध संपत्तियों पर किसी तरह की रियायत नहीं दी जाएगी।