बरेली हिंसा में तौकीर रजा के करीबी डॉ. नफीस और बेटे को पुलिस ने दबोचा, अब तक 55 गिरफ्तार l
उत्तर प्रदेश के बरेली में 26 सितंबर को ‘आई लव मोहम्मद’ पोस्टर विवाद के कारण हुई हिंसा के मामले में पुलिस की कार्रवाई जारी है। पुलिस ने तौकीर रजा के करीबी डॉ. नफीस खान को गिरफ्तार कर उसके बेटे से भी पूछताछ शुरू कर दी है। अब तक इस मामले में कुल 55 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जिनमें तौकीर रजा समेत 29 इमरान मियां कमेटी (IMC) सदस्य शामिल हैं.
पुलिस के मुताबिक डॉ. नफीस ने मौलाना तौकीर रजा का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल किया था, जो भीड़ को भड़काने में अहम साबित हुआ। उनके बेटे ने भी वीडियो वायरल करने में मदद की। नफीस का नाम पहले भी हिंसा और दंगे की साजिश में जुड़ा रहा है। पुलिस ने उसे चार दिन से फरार बताया था, लेकिन अब उसे गिरफ्तार कर लिया गया है। नफीस ने तौकीर रजा के लेटर को फर्जी बताते हुए 50 से अधिक व्हाट्सएप ग्रुप्स में मैसेज भी भेजा था, जिससे हिंसा भड़क गई थी.
पुलिस की जांच में यह सामने आया है कि बरेली में एक सप्ताह से अधिक समय से हिंसा की साजिश रची जा रही थी। हिंसा के दौरान पुलिस कर्मियों पर हमला किया गया, पेट्रोल बम और अवैध हथियार बरामद हुए हैं। पुलिस ने हिंसक घटनाओं में 22 पुलिसकर्मी घायल हुए हैं.
एसएसपी अनुराग आर्य के निर्देशन में एसआईटी गठित कर उसके नेतृत्व में धारा प्रवर्तन जारी है। इस टीम में तीन सीओ और 14 इंस्पेक्टर शामिल हैं जो पूरी प्लानिंग की जांच कर रहे हैं। नगर निगम ने नफीस के मार्केट को भी सील कर दिया है जहाँ IMC का दफ्तर था। पुलिस ने करीब 2000 नामजद लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है और बाकी आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं.
एसएसपी अनुराग आर्य ने शांति बनाए रखने और पुलिस को सहयोग देने का आग्रह किया है। उन्होंने कहा कि दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी और जो लोग कानून का उल्लंघन करेंगे, उन्हें बख्शा नहीं जाएगा। इंटरनेट सेवाएं बहाल कर दी गई हैं लेकिन पुलिस गश्त बढ़ा दी गई है ताकि किसी भी असामाजिक तत्व को मौका न मिले.
बरेली की यह हिंसक घटना एक सोची समझी साजिश का परिणाम है जिसमें मुख्य आरोपी मौलाना तौकीर रजा के करीबी डॉ. नफीस खान और उसके बेटे ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। पुलिस की कड़ी कार्रवाई और व्यापक जांच से उम्मीद की जा रही है कि शीघ्र ही पूरे मामले का पर्दाफाश होगा और आरोपी कठोर दंड पाएंगे। पुलिस प्रशासन ने जिले में कानून व्यवस्था कड़ी कर दी है ताकि पुनः ऐसी घटनाएं न हों और आम जनता को सुरक्षा का भरोसा मिल सके।