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भारत ने जताई चिंता और उम्मीद, कहा- युद्धविराम से सुधरेगी वैश्विक स्थिति

भारत ने जताई चिंता और उम्मीद, कहा- युद्धविराम से सुधरेगी वैश्विक स्थिति

अमेरिका और ईरान के बीच हुए हालिया युद्धविराम को लेकर भारत ने सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है। विदेश मंत्रालय ने बुधवार को आधिकारिक बयान जारी करते हुए इस सीजफायर का स्वागत किया और उम्मीद जताई कि इससे पश्चिम एशिया में स्थायी शांति स्थापित होने का रास्ता खुलेगा। मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि भारत हमेशा से यह मानता रहा है कि किसी भी अंतरराष्ट्रीय संघर्ष का समाधान केवल संवाद और कूटनीति के जरिए ही संभव है।

विदेश मंत्रालय ने अपने बयान में कहा कि लंबे समय से जारी इस संघर्ष ने आम लोगों को भारी पीड़ा दी है। इसके साथ ही इस टकराव का असर वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर भी पड़ा है। भारत ने विशेष रूप से होर्मुज़ जलडमरूमध्य का जिक्र करते हुए कहा कि इस क्षेत्र में निर्बाध नौवहन और व्यापार का सुचारू संचालन बेहद जरूरी है, क्योंकि यह दुनिया के ऊर्जा आपूर्ति मार्ग का एक अहम हिस्सा है।

गौरतलब है कि अमेरिका और ईरान के बीच यह तनाव पिछले एक महीने से अधिक समय से जारी था। यह संघर्ष 28 फरवरी को तब शुरू हुआ जब अमेरिका और इजराइल की ओर से ईरान पर संयुक्त सैन्य कार्रवाई की गई। इस हमले में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई समेत कई वरिष्ठ नेताओं और अधिकारियों की मौत हो गई थी। इसके बाद ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई करते हुए खाड़ी क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया, जिससे पूरे क्षेत्र में तनाव बढ़ गया।

करीब 40 दिनों तक चले इस संघर्ष के बाद अब दोनों देशों के बीच युद्धविराम पर सहमति बनी है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ दो सप्ताह के सीजफायर को मंजूरी दी है। यह समझौता उस समय हुआ जब स्थिति बेहद तनावपूर्ण थी और बड़े स्तर पर संघर्ष की आशंका जताई जा रही थी।

भारत ने इस पूरे घटनाक्रम में शांति और स्थिरता की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि युद्धविराम से क्षेत्र में सामान्य स्थिति बहाल होने की उम्मीद है। भारत का मानना है कि यदि संवाद और कूटनीति को प्राथमिकता दी जाए, तो भविष्य में इस तरह के संघर्षों को रोका जा सकता है और वैश्विक स्तर पर स्थिरता सुनिश्चित की जा सकती है।

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