मुख्य सामग्री पर जाएं
ब्रेकिंग न्यूज़
छात्रों के समर्थन में अन्ना हजारे मौन व्रत पर, आंदोलन को मिला बड़ा साथ जंतर-मंतर पर अफरा-तफरी, छात्रों और निहंगों के बीच धक्का-मुक्की से बढ़ा तनाव PM मोदी के ऐलान पर राहुल गांधी का पलटवार, रखीं 3 बड़ी मांगें CJP Protest: दिल्ली में बवाल, 16 मेट्रो स्टेशन बंद; सरकार से बातचीत को तैयार CJP पंजाब में बनाए जाएंगे 10 लाख नए राशन कार्ड 22 जुलाई से शुरू होंगे आवेदन :मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान PM मोदी का राहुल गांधी पर तंज: मैं 56 साल के युवा की बात नहीं, 28 साल के युवाओं की बात कर रहा हूं सोनम वांगचुक को दूसरे अस्पताल शिफ्ट करने की मांग, दिल्ली हाईकोर्ट में जल्द सुनवाई जंतर-मंतर से अभिजीत दीपके को पुलिस ने हिरासत में लिया, संसद मार्च के बीच बड़ी कार्रवाई CJP प्रवक्ता सरकार से मिलने पहुंचे, संसद मार्च पर बढ़ी सियासी हलचल ‘हर अभद्र शब्द अश्लील नहीं’— सुप्रीम कोर्ट की महत्वपूर्ण टिप्पणी

मिर्गी का दौरा क्यों आता है? जानिए इस गंभीर बीमारी के कारण और लक्षण

मिर्गी का दौरा क्यों आता है? जानिए इस गंभीर बीमारी के कारण और लक्षण

भारत में अनुमानित 15 मिलियन से अधिक लोग मिर्गी से प्रभावित हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि समय पर सही उपचार मिलने से मिर्गी के मरीज भी सामान्य जीवन जी सकते हैं। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि मिर्गी का दौरा क्यों पड़ता है? इसके साथ ही, इस बीमारी के लक्षणों को समझना भी बेहद ज़रूरी है। अंतर्राष्ट्रीय मिर्गी दिवस के अवसर पर, आइए इस बीमारी के बारे में जागरूकता बढ़ाने की कोशिश करते हैं।

मिर्गी के संभावित कारण

मिर्गी एक न्यूरोलॉजिकल विकार है, जिसमें मस्तिष्क की असामान्य गतिविधियों के कारण बार-बार दौरे पड़ते हैं। यह समस्या अनुवांशिक भी हो सकती है। जन्मजात दोष, ऑक्सीजन की कमी, मस्तिष्क संक्रमण या सिर में गंभीर चोट लगने से भी मिर्गी होने की संभावना रहती है। इसके अलावा, ब्रेन स्ट्रोक या ब्रेन ट्यूमर भी इस बीमारी के मुख्य कारणों में से एक हो सकते हैं।

मिर्गी के लक्षणों को पहचानें

मिर्गी का समय पर इलाज करने के लिए इसके लक्षणों की सही पहचान बेहद जरूरी है। यदि शरीर के किसी हिस्से में या पूरे शरीर में अचानक झटके या मरोड़ महसूस हो, तो यह मिर्गी का संकेत हो सकता है। लगातार बिना पलक झपकाए एक ही जगह टकटकी लगाकर देखना भी इस रोग का संकेत हो सकता है। इसके अलावा, असामान्य या अजीबोगरीब व्यवहार भी मिर्गी से जुड़ा हो सकता है।

सावधानी बरतना है जरूरी

यदि आपके परिवार में या किसी करीबी दोस्त में ये लक्षण दिखाई दें, तो इसे नजरअंदाज करना खतरनाक साबित हो सकता है। ऐसी स्थिति में तुरंत किसी न्यूरोलॉजिस्ट से संपर्क करना चाहिए, ताकि समय रहते मरीज का सही उपचार शुरू किया जा सके। जागरूकता और सही समय पर इलाज से मिर्गी को नियंत्रित किया जा सकता है।

Share This
अगला लेख → हेल्दी और फिट रहने के लिए सही डाइट अपनाएं, यहां देखें चार्ट …

टिप्पणी करें

Your email address will not be published. Required fields are marked *

ताज़ा ख़बरें
बाज़ार
सेंसेक्स 76,766 -70 (-0.09%)
निफ्टी 23,985 -11 (-0.05%)
मौसम
22°C
Light rain shower
💧 94% 💨 4 km/h
Dehradun