मेयर ने नगर विकास मंत्री को लिखा पत्र ठेकेदारों की साजिश से अभियंता को बचाने की अपील
लखनऊ नगर निगम के जलकल विभाग में तैनात सहायक अभियंता सचिन सिंह यादव पर की गई फर्जी शिकायतों के मामले में अब नया मोड़ आ गया है। लखनऊ की मेयर ने खुद नगर विकास मंत्री को पत्र लिखकर सचिन सिंह यादव के स्थानांतरण को रोकने की अपील की है। मेयर का कहना है कि विभाग में कुछ ठेकेदार और कर्मचारी संगठन अपने निजी स्वार्थ के चलते अभियंता के खिलाफ साजिश रच रहे हैं ताकि उन्हें विभाग से हटाया जा सके।
मेयर ने अपने पत्र में लिखा है कि अभियंता सचिन सिंह यादव ने लखनऊ में जलभराव, पेयजल आपूर्ति और सीवर व्यवस्था को सुधारने में अभूतपूर्व कार्य किया है। उनके कार्यकाल में सभी परियोजनाएँ शासन के निर्देशों के अनुरूप ई-निविदा और जेम पोर्टल के माध्यम से पूरी की गई हैं, जिससे पारदर्शिता बनी रही। मेयर ने आरोप लगाया है कि उनकी इसी पारदर्शी कार्यप्रणाली से कुछ वर्षों से जमे ठेकेदारों और अधिकारियों के स्वार्थ प्रभावित हुए हैं। अब वही लोग मिलकर गलत और भ्रामक शिकायतें कराकर सचिन यादव की छवि को नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं।

मेयर ने नगर विकास मंत्री से आग्रह किया है कि ऐसी झूठी और निराधार शिकायतों पर कोई कार्रवाई न की जाए। उन्होंने कहा कि सचिन सिंह यादव जैसे ईमानदार और कर्मठ अधिकारी को हटाने से विभाग के विकास कार्यों पर नकारात्मक असर पड़ेगा। उन्होंने यह भी कहा कि जनहित और शहर के हित में सचिन सिंह यादव को उनके वर्तमान पद पर बनाए रखना जरूरी है ताकि लखनऊ में चल रहे पेयजल और सीवर से जुड़े सुधार कार्य बिना किसी बाधा के जारी रह सकें।
मेयर का यह कदम अब नगर निगम के भीतर चर्चा का विषय बन गया है। कई लोगों का मानना है कि यह मामला सिर्फ एक अधिकारी का नहीं, बल्कि पूरे सिस्टम में पारदर्शिता और जवाबदेही को लेकर चल रही खींचतान को उजागर करता है।