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यूपी में बड़ा एक्शन, ओपी राजभर के कार्यकर्ता से मारपीट पर दरोगा और सिपाही सस्पेंड

यूपी में बड़ा एक्शन, ओपी राजभर के कार्यकर्ता से मारपीट पर दरोगा और सिपाही सस्पेंड

उत्तर प्रदेश के बलिया जिले में सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के नेता और बांसडीह विधानसभा प्रभारी उमापति राजभर ने स्थानीय पुलिस पर पिटाई का आरोप लगाया था। इस घटना पर यूपी सरकार में मंत्री और सुभासपा प्रमुख ओमप्रकाश राजभर ने कड़ी प्रतिक्रिया दी, वहीं उनके बेटे ने बलिया में धरना-प्रदर्शन की चेतावनी दे दी थी।

इस पूरे घटनाक्रम के बीच बलिया पुलिस प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए आरोपी दोनों पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया है। पुलिस के अनुसार, मामले की जांच जारी है और दोनों पक्षों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं।

क्या है पूरा मामला?

सुभासपा नेता उमापति राजभर ने आरोप लगाया कि थाने में एक सब-इंस्पेक्टर और एक सिपाही ने उनकी पिटाई की। शिकायत दर्ज कराने के बावजूद उनकी कोई सुनवाई नहीं हुई, जिससे पार्टी कार्यकर्ताओं में आक्रोश फैल गया। 7 मार्च को सुभासपा ने थाने के बाहर धरना-प्रदर्शन करने की घोषणा कर दी।

मामला मंगलवार का है, जब उमापति राजभर किसी काम से तहसील बांसडीह गए थे। वहां उपजिलाधिकारी के स्टेनो की गाड़ी से वह घायल हो गए। इस घटना के बाद कहासुनी बढ़ गई और पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस उमापति राजभर को थाने ले गई और वहां उनकी पिटाई कर दी।

जब यह मामला सुभासपा नेताओं के संज्ञान में आया, तो उन्होंने कड़ी नाराजगी जताई और पुलिसकर्मियों व स्टेनो के निलंबन की मांग को लेकर बांसडीह थाना कोतवाली के बाहर धरने की चेतावनी दी।

सुभासपा प्रमुख और यूपी सरकार के मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने इस घटना पर कड़ा रुख अपनाया और खुद धरने का नेतृत्व करने का ऐलान कर दिया।

आखिरकार, बढ़ते दबाव और विरोध को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने आरोपी पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया। फिलहाल, मामले की जांच की जा रही है और आगे की कार्रवाई की जा रही है।

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