यूपी वोटर लिस्ट से 2.90 करोड़ नाम कटे, घबराएं नहीं—CEO नवदीप रिणवा ने बताया नाम वापस जुड़वाने का पूरा तरीका
उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची के दोहराने (SIR) के बाद बड़ी संख्या में लोगों के नाम वोटर लिस्ट से हटाए जाने को लेकर चिंता बढ़ गई है। इस मुद्दे पर यूपी के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) नवदीप रिणवा ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल जारी की गई सूची केवल ड्राफ्ट है और जिन मतदाताओं के नाम कटे हैं, उनके पास अब भी अपना नाम दोबारा जुड़वाने का पूरा मौका मौजूद है।
CEO नवदीप रिणवा के मुताबिक, 27 अक्टूबर 2025 तक उत्तर प्रदेश में कुल 15.44 करोड़ मतदाता दर्ज थे, जो SIR प्रक्रिया के बाद घटकर करीब 12.55 करोड़ रह गए हैं। यानी लगभग 2.90 करोड़ नाम ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से हटाए गए हैं। उन्होंने बताया कि नाम कटने के पीछे कई प्रशासनिक कारण हैं और इसका यह मतलब नहीं है कि संबंधित व्यक्ति स्थायी रूप से वोटर लिस्ट से बाहर हो गया है।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि नाम हटने के प्रमुख कारणों में मृत मतदाता, डुप्लीकेट एंट्री, पता बदलने वाले मतदाता, जांच के दौरान अनुपस्थित पाए गए लोग और फॉर्म लेकर भी जमा न करने वाले मतदाता शामिल हैं। खासतौर पर ऐसे करीब 80 लाख लोग हैं, जो BLO की डेढ़ महीने चली जांच के दौरान उपलब्ध नहीं हो सके।
अगर आपको आशंका है कि आपका नाम वोटर लिस्ट से कट गया है, तो सबसे पहले आपको official portal पर जाकर अपना विवरण जांचना चाहिए। यहां EPIC नंबर, नाम व पता विवरण या रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर और OTP के जरिए रिकॉर्ड देखा जा सकता है। यदि स्क्रीन पर Record Found दिखता है, तो आपका नाम सुरक्षित है। वहीं, अगर Record Not Found या Deleted दिखाई देता है, तो आपको आगे की प्रक्रिया अपनानी होगी।
नाम दोबारा जुड़वाने के लिए मतदाताओं को फॉर्म-6 भरना होगा। यह फॉर्म ऑनलाइन पोर्टल पर उपलब्ध है, जिसमें आधार कार्ड, पते का प्रमाण और फोटो जैसे जरूरी दस्तावेज अपलोड करने होंगे। आवेदन पूरा होने के बाद निर्वाचन विभाग उसकी जांच करेगा और सही पाए जाने पर नाम फिर से मतदाता सूची में जोड़ दिया जाएगा।
CEO नवदीप रिणवा ने यह भी जानकारी दी कि जिन लोगों को यह जानना है कि उनका नाम किस वजह से काटा गया, वे ceouttarpradesh.nic.in वेबसाइट पर जाकर ASDD (Absent, Shifted, Dead, Duplicate) Search सुविधा का इस्तेमाल कर सकते हैं। EPIC नंबर डालते ही यह साफ हो जाएगा कि नाम किस श्रेणी में हटाया गया था।
मतदाताओं के लिए अहम तारीखें भी तय कर दी गई हैं। 6 जनवरी से 6 फरवरी 2026 तक नाम जोड़ने, सुधार करने या आपत्ति दर्ज करने का मौका मिलेगा, जबकि 6 मार्च 2026 को मतदाता सूची का फाइनल प्रकाशन किया जाएगा। जिन युवाओं की उम्र 1 जनवरी 2026 को 18 साल पूरी हो रही है, वे भी इसी अवधि में आवेदन कर सकते हैं।
निर्वाचन आयोग ने यह भी साफ किया है कि पंचायत चुनाव और विधानसभा/लोकसभा चुनाव की वोटर लिस्ट अलग-अलग होती हैं। इसलिए अगर किसी का नाम पंचायत सूची में है, तो यह जरूरी नहीं कि वह विधानसभा सूची में भी हो। ऐसे में सभी मतदाताओं को सलाह दी गई है कि वे समय रहते अपना नाम जरूर जांच लें और जरूरत पड़ने पर तुरंत आवेदन करें, ताकि आने वाले चुनावों में उनका मतदान अधिकार सुरक्षित रह सके।